
बिजली का बिल देखकर चाय वाले के उड़े होश, बोला क्या हो रहा है देश में
ग्वालियर। एक चार बाइ चार की 16 वर्ग फीट की दुकान में चाय बनाने वाले के उस समय होश उड़ गए जब उसने देखा कि इस माह का उसका बिल 82 हजार रुपए आया है। एक साथ इतना बिल देखकर दुकान संचालक के पैरों तले जमीन खिसक गई। शहर में बिजली बिलों में गड़बडिय़ों का ये पहला मामला नहीं है,बल्कि सैकड़ों उपभोक्ता इस माह बिजली बिलों को लेकर परेशान हैं।
थमा दिया भारी भरकम बिल
श्योपुर जिले के गुलंबर के निकट बालापुरा रोड पर एक छोटी सी दुकान में चाय की दुकान चलाने वाले मुरारीलाल अग्रवाल के बिजली कनेक्शन का पिछले महीनों का पूरा बिल भुगतान जमा है। इसके बाद भी इस माह कंपनी ने 82 हजार 163 रुपए का बिल दे दिया। बीते रोज मुरारीलाल के पास बिल आया तो देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने बताया कि मेरे मीटर में रीडिंग तो 3740 यूनिट चल रही है, लेकिन जारी हुए बिल में रीडिंग 13 हजार 716 यूनिट दर्शाकर भारी भरकम बिल थमा दिया। अब मुरारीलाल बिल संशोधन के लिए भटक रहे हैं।
बिल देख उड़ गए होश
छोटी सी दुकान में चाय की दुकान चलाने वाले मुरारीलाल अग्रवाल ने बताया कि बिजली कनेक्शन का पिछले महीनों का पूरा बिल भुगतान जमा है। साथ ही दुकान में बिजली उपकरण के नाम पर एक सीएफएल और एक पंखा,लेकिन जब बिजली का बिल एक साथ 82 हजार आया तो दुकान संचालक के होश उड़ गए। दुकानदार ने इतना बिल देखने के साथ ही कहा कि क्या हो रहा है देश में। उसने समस्या के समाधान की बात कही।
उपभोक्ता लग रहे हैं बिजली घर के चक्कर
कुछ यही स्थिति शहर के कुम्हार मोहल्ले में रहने वाले रोहित वर्मा की है। रोहित की भी एक छोटी सी दुकान है, जिसमें एक पंखा और एक सीएफएल लगी है और मीटर की रीडिंग में भी वर्तमान में महज 772 यूनिट है, बावजूद इसके जो बिल आया वो 84 हजार रुपए का थमा दिया। बिल देखकर रोहित के भी होश उड़ गए। इन दो मामलों के साथ ही शहर में सैकड़ों ऐसे उपभोक्ता हैं,जिनके भारी भरकम बिल जारी कर दिए हैं, जिससे अब उपभोक्ता बिजली घर के चक्कर काट रहे हैं।
नहीं होती सुनवाई
विशेष बात यह है कि बिलों की समस्या को लेकर उपभोक्ता जहां बिजली कंपनी के अफसरों के पास पहुंच रहे हैं, वहीं मंगलवार को तो बड़ी संख्या में लोग अपने बिलों को लेकर जिला प्रशासन के अफसरों के पास पहुंचे। इन लोगों को कहना है कि यदि बिजली बिल की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह धरना प्रदर्शन भी कर सकते हैं। वहीं लोगों का कहना है कि बिजली बिल को लेकर कोई सुनवाई नहीं होती है।
सुधार कराया जाएगा
बिजली कंपनी श्योपुर के महाप्रबंधक दिनेश सुखीजा ने बताया कि इस बार मोबाइल एप से रीडिंग लेने का सिस्टम चालू हुआ है, लिहाजा हो सकता है गलती से बिलों में ज्यादा रीडिंग दर्ज हो गई है, लेकिन ऐसे बिलों में सुधार कराया जा रहा है।
Published on:
27 Nov 2019 04:55 pm
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