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कोरोना कम हुआ पर अब गया खतरनाक फाइब्रोसिस, ये ​लक्षण दिखें तो हो जाइए सतर्क

मरीजों को हो रही बेहद तकलीफ

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मरीजों को हो रही बेहद तकलीफ

ग्वालियर. मध्यप्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर कमजोर पड़ चुकी है. हालांकि कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों की परेशानी कम नहीं हो रही है. पोस्ट कोविड बीमारी बहुत तकलीफदेह बन चुकी है. कोरोना की दूसरी लहर की तरह अब तीसरी लहर में भी फाइब्रोसिस के मामले सामने आने लगे हैं. डॉक्टर्स का कहना है कि कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों में लंग्स फाइब्रोसिस की शिकायत मिल रही है

वरिष्ठ डॉक्टर्स और चेस्ट फिजीशियन के समक्ष ऐसे कई केस आ चुके हैं- शहर के वरिष्ठ डॉक्टर्स और चेस्ट फिजीशियन बताते हैं कि उनके समक्ष ऐसे कई केस आ चुके हैं. दीनदयाल नगर निवासी एक व्यक्ति को जनवरी के पहले सप्ताह में कोरोना हुआ था. कोरोना होने साथ ही उन्हें सांस लेने में दिक्कत और सूखी खांसी की शिकायत हो गई. जांच करवाई तो हकीकत सामने आई. हालांकि उनका एक्सरे नॉर्मल आया था लेकिन सीटी स्कैन में फाइब्रोसिस पाया गया. उन्हें दवाएं लेने के साथ—साथ व्यायाम करने की भी सलाह दी गई जिससे आराम मिल गया.

कोरोना से ठीक होने के बाद भी आई परेशानी, चलने फिरने में फूलने लगती है सांस- इसी तरह डबरा निवासी एक महिला को दिसंबर माह में कोरोना हुआ था। कोरोना ठीक होने के कुछ दिन बाद से ही उन्हें चलने-फिरने में सांस फूलने की शिकायत होने लगी। जब उनका चेस्ट सीटी कराया तो पता चला लंग्स फाइब्रोसिस के कारण सांस फूलने की परेशानी हो रही है। इसके लिए दवा दी गई और व्यायाम बताए गए जिससे उन्हें आराम मिल गया।

डॉक्टर्स का कहना है कि कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों में लंग्स फाइब्रोसिस की शिकायत मिल रही है. ऐसे मरीजों को सांस लेने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसकी वजह है— फेफड़ों में सिकुड़न पैदा हो जाना. इससे बचने के लिए मरीजों को सांस संबंधी व्यायाम करने करना चाहिए. सांस अधिक फूल रही है तो विशेषज्ञ की सलाह पर लंग्स फाइब्रोसिस की दवा लेना चाहिए.

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