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17 ग्रेविटी फिल्टर प्लांट अभी तक नहीं हुए हैंडओवर

-मार्च तक हैंडओवर नहीं किए तो ठेकेदार पर लगेगी पैनल्टी-अभी तक 50 में से 33 फिल्टर हुए हैंडओवर -17 का हो रहा है ट्रॉयल-59.50 करोड़ की आई लागत

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जलदाय विभाग ने लोगों को शुद्ध पानी मुहैया करवाने के लिए करीब दो साल पहले जापान की तकनीक पर ग्रेविटी फिल्टर प्लांट बनाने का काम शुरू किया था।

हनुमानगढ़.

हनुमानगढ़ उपखण्ड के 17 गांवों के ग्रामीणों को अभी बिना ग्रेविटी फिल्टर प्लांट का ही पानी पीना पड़ेगा क्योंकि ठेकेदार की अनदेखी के चलते अभी तक फिल्टर प्लांट जलदाय विभाग को हैंडओवर नहीं हुए हैं। खास बात यह है कि नियमानुसार अक्टूबर माह में फिल्टर प्लांट जलदाय विभाग को हैंडओवर करने थे। मगर अभी तक 50 में से 33 फिल्टर प्लांट शुरू कर हैंडओवर किए गए है जबकि 17 का अभी तक ट्रायल कार्य ही चल रहा है। जलदाय विभाग ने लोगों को शुद्ध पानी मुहैया करवाने के लिए करीब दो साल पहले जापान की तकनीक पर ग्रेविटी फिल्टर प्लांट बनाने का काम शुरू किया था।

इस दौरान ठेकेदार ने अक्टूबर में कार्य पूर्ण पूरा करने का अनुबंध किया था। मगर अनुबंध के अनुरूप ठेेकेदार ने काम को पूरा नहीं किया। ठेकेदार की अनदेखी का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। जलदाय विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस फिल्टर प्लांट की विशेषता यह है कि पहले वाले फिल्टर की तुलना में पानी को तेजी से शुद्ध करता है। इसके साथ ही मिट्टी आदि से चौक होने का भी खतरा नहीं रहता। इस कारण जिले में नई तकनीक के फिल्टर प्लांट बनाए गए। मगर इसका लाभ ग्रामीणों को समय पर नहीं मिल रहा है।

मार्च में शुरू नहीं तो ठेकेदार को देनी होगी पैनल्टी
अधिकारियों के मुताबिक 17 गांव जहां अभी तक फिल्टर प्लांट शुरू नहीं हुए है। इस कारण इन गांवों में प्लांट शुरू करने के लिए ठेकेदार को एक और मौका दिया गया है। यानि ठेकेदार को मार्च माह तक प्लांट शुरू करने की मोहलत दी गई है। अगर इस अवधि तक ठेकेदार ने प्लांट शुरू कर हैंडओवर नहीं किए तो संबंधित ठेकेदार पर पैनल्टी लगाई जाएगी। इसके साथ ही विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।


पांच साल तक ठेकेदार की रहेगी जिम्मेदारी
जिले में प्रथम चरण के तहत बनाए गए फिल्टर प्लांट की रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की रहेगी। अगर इस अवधि के दौरान प्लांट में किसी प्रकार की कोई तकनीकी खराबी आती है। तो उसको ठेकेदार ही दुरुस्त करेगा। ताकि ग्रामीणों को शुद्ध पानी से वंचित ना रहना पड़े।

मार्च तक का है समय
संबंधित ठेकेदार को वंचित रहे प्लांट हैंडओवर करने के लिए मार्च तक का समय दिया गया है। अगर मार्च के बाद देरी होती है तो पैनल्टी लगाने का प्रावधान है। फिलहाल 17 प्लांट का ट्रॉयल चल रहा है। शेष प्लांट को शुरू कर दिए गए है।
मेजरसिंह ढिल्लो, एक्सईएन, जलदाय विभाग, हनुमानगढ़.