
Photo- Patrika Network
हनुमानगढ़ जिले के संगरिया शहर में कुत्तों का आतंक एक और परिवार के लिए दुखद साबित हुआ। गुरुनानक नगर गणेश मंदिर वार्ड 29 निवासी मिस्त्री गुरसेवक सिंह ने बताया कि 6 अगस्त की शाम उनकी भाभी वीरपाल कौर (55) पत्नी दर्शन सिंह अपने भतीजे के साथ वजीदपुरा भोमा गांव से रिश्तेदारी में मिलकर मोटरसाइकिल से घर लौट रही थीं।
शाम करीब साढ़े छह बजे, जब वे वार्ड 34 स्थित मां चिंतपूर्णी मंदिर मोहल्ले से गुजर रही थीं, गली में बैठे कुत्ते अचानक पीछे दौड़ पड़े। एक कुत्ते ने वीरपाल कौर के पांव को पकड़ लिया, जिससे वह असंतुलित होकर सड़क पर गिर गईं। गिरने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने भी उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों के साथ समाजसेवी मेजर सिंह, सुभाष धारणियां आदि ने आरोप लगाया कि शहर के अधिकांश मोहल्लों में निराश्रित पशुओं और कुत्तों के कारण राहगीर व वाहन चालक परेशान हैं। कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या पर ध्यान देने को कहा गया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर इस दुर्दशा को खत्म करने के लिए कौन पहल करेगा। दो मासूम बेटे अपनी मां की ममता से हमेशा के लिए वंचित हो गए। जिस दर्द को वही समझ सकता है जिसने अपनी मां को खोया हो।
Updated on:
10 Aug 2025 03:33 pm
Published on:
10 Aug 2025 03:33 pm
