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हनुमानगढ़ में किसानों ने मांगे नहीं मानने पर उग्र आन्दोलन की भरी हुंकार

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हनुमानगढ़ में किसानों ने मांगे नहीं मानने पर उग्र आन्दोलन की भरी हुंकार

हनुमानगढ़/जाखड़ांवाली

अमृतसर से गुजरात के लिए बनाए जाने वाले एक्सप्रेस-वे के लिए खेतों मे 230 फीट चौड़ाई मे पत्थरगढ़ी करने से किसानों मे असमंजस का माहौल बना हुआ है। इस संबंध में किशनपुरा के बालाजी मंदिर परिसर मे किसानों की बैठक कर आगे की रणनीति बनाई गई। जानकारी के अनुसार किसानों के खेतों से अमृतसर से जामनगर के लिए एक्सप्रेस-वे निकालने की योजना चल रही है। जिसके तहत करीब 203 फीट चौड़ाई में पत्थरगढ़ी करके जगह चिन्हित की गई है । पत्थरगढ़ी करने से किसान असमंजस की स्थिति में हैं ।

इस संबंध में किसानों ने कहा कि इस सड़क मार्ग की चपेट मे आने वाली भूमि के मुआवजे के बारे मे सबधिंत विभाग, जिला कलक्टर व मंत्री सहित कोई भी स्पष्ट नहीं कर रहे हैं। जिससे किसान दर-दर भटक रहा है। सभा मे ठेठार से संगरीया तक इस सड़क मार्ग की चपेट मे आई भूमि के किसानों को संगठित होने पर बल दिया। किसान लक्ष्मण कुकणा, कृष्णलाल जाखड़, सुरेन्द्र शर्मा आदि ने सबोधित करते हुए कहा कि जब तक सभी किसान संगठित नहीं होगें तब तक सरकारी अधिकारीयों की नींद नहीं खुलेगी। उन्होनें कहा कि एक्सप्रेस-वे के लिए चिन्हित की जा रही भूमि से किसानों की भूमि दो भागों में विभाजित हो जाएगी जिससे किसानों को काफी नुकसान होगा।

ये रहे मौजूद
किसानों का अनुमान है कि सरकार जमीन के डीएलसी रेट के अनुसार मुआवजा देगी जो काफी कम है। आक्रोशित किसानों ने पंजाब - हरियाणा मे सड़क निर्माण के दौरान किसानों को दिए गए मुआवजे के अनुसार राशी देने की मांग की। बैठक मे कमेटी अध्यक्ष सुखदेव सिंह, देवीलाल गोदारा, लीलाधर नाथ, सुखविन्द्र सिंह सहित क्षेत्र के अनेक किसान शामिल हुए।

किसानों की मांग
सभा मे मौजुद किसानों ने कहा कि अगर सरकार द्वारा खेतों से एक्सप्रेस-वे का निर्माण करवाया जाता है तो किसानों की मांग अनुसार मुआवजा देना होगा अन्यथा कार्य नहीं होने देगें। किसानों ने चिन्हित 230 फीट से अधिक भूमि नहीं लेने, जमीनों का डीएलसी रेट बढ़ाने, बाजार भाव से चार गुणा अधिक राशी देने, पीडि़त कास्तकार के परिवार के एक जने को सरकारी नौकरी देने, मुआवजा राशी एक मुश्त देने, रास्ते मे आने वाले मकान, पेड़, कुंड, मेड़बंधी आदि का वर्तमान व्यय से दोगुनी राशी का भूगतान करने, जमीन दो भागों मे विभाजित होने पर रास्ता व सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग रखी है । इससे पूर्व किसानों ने गत दिनों रावतसर पहुंची मुख्यमंत्री को भी अपनी मांगो का ज्ञापन सौंपकर उचित मुआवजा दिलवाने की मांग कर चुके है । किसानों ने कहा कि अगर सरकार द्वारा किसानों की मांगे नहीं मानी तो उग्र आंदोलन करने को विवश होना पड़ेगा ।