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मकान तोडऩे गई टीम, पहुंचने पर उखड़े मिले गेट

-देह व्यापार के धंधे में पकड़ी वीरपाल कौर का मकान अतिक्रमण बता नगर परिषद ने की कार्रवाई
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मकान तोडऩे गई टीम, पहुंचने पर उखड़े मिले गेट

हनुमानगढ़.

सुरेशिया स्थित हुडको कॉलोनी में देह व्यापार के धंधे में पकड़ी गई वीरपाल कौर का मकान नगर परिषद ने अतिक्रमण में शामिल कर शुक्रवार को हटाने की कार्रवाई की। अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम को वीरपाल कौर का घर खाली मिला और गेट उखाड़े हुए थे। पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में नगर परिषद मकान की दीवार व छत को धराशायी कर ईंटे जब्त कर ली। इसके पश्चात टीम हुडको कॉलोनी में स्थित आईएचएसडीपी क्वार्टर भी खाली कराने पहुंची। लेकिन उसमें कबाड़ के अलावा कुछ नहीं मिला। अमला बाहर की दीवार गिराकर लौट आया। बताया जा रहा है कि इस क्वार्टर पर वीरपाल का कई वर्षों से कब्जा था। इससे पूर्व भी नगर परिषद ने इसे खाली करवाया था।


दरअसल, गत वर्ष व अप्रेल में नप देह व्यापार में लिप्त आरोपितों के तीन घर तोडऩे की कार्रवाई कर चुकी है। इसके डर से पुलिस के हत्थे चढऩे के बाद उसके जानकार मकान खाली कर गेट तक उखाड़ ले गए। उल्लेखनीय है कि पांच जून की रात दस बजे पुलिस पीटा एक्ट के तहत जंक्ïशन के सुरेशिया में वेश्यावृति का एक अड्डा पुलिस ने पकड़ा था जो कि वीरपाल कौर का था। मौके से चार महिलाओं सहित दो युवकों को गिरफ्तार किया था।

कार्रवाई के दौरान डीएसपी विरेन्द्र जाखड़, कार्यवाहक आयुक्त राजेन्द्र स्वामी, लेखाधिकारी राकेश मेहन्दीरत्ता, सीआई राजेश सिहाग, प्रदीप चारण, नगर परिषद अधिकारी भादरसिंह, सहायक अभियंता सुभाष बंसल, कनिष्ठ अभियंता प्रेमदास, मेघराज, स्वच्छता प्रभारी जगदीश सिराव, एटीपी रामनिवास, शांति कुमार आदि मौजूद रहे।


बार-बार कब्जा किसकी शह पर
20 जुलाई 2016 को नगर परिषद ने आईएचएसडीपी के दो सौ से अधिक क्वार्टरों को खाली कर अपने कब्जे में लिया था। फिर से कईयों ने ताले तोड़ पुन: रहने लग गए। नगर परिषद की कार्रवाई के बाद कवार्टरों में वापस आना जांच का विषय है। हैरत की बात है कि परिषद के अधिकारियों ने कब्जे हटाने के बाद इन इलाकों का निरीक्षण तक नहीं किया।


अब तक यह हो चुकी कार्रवाई
छह अप्रेल 2018 को वीरपाल कौर के सामने सुमन सोनी व इससे थोड़ा आगे गीता का मकान तोडऩे की कार्रवाई की थी। पुलिस ने देह व्यापार के आरोप में 31 मार्च 2018 को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद नगर परिषद ने इन घरों के आगे नोटिस चस्पा कर 72 घंटे में मकान के दस्तावेज प्रस्तुत करने के आदेश दिए। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मकान को तोडऩे की कार्रवाई की गई। जबकि 18 अप्रेल 2017 को दिल्ली से खरीदी गई नाबालिग युवती के मामले व देह व्यापार में लिप्त मंजू अग्रवाल के दो अड्डों को नगर परिषद ने धराशायी किया था। जानकारों की माने तो अवैध गतिविधियों में संलिप्त होने की शिकायत पर मकान को नियमानुसार सीज किया जा सकता है, लेकिन नगर परिषद इन मकानों को सीज के बजाए कब्जे की जगह पर मकान को अतिक्रमण में शामिल कर हटाने की कार्रवाई कर रही है।