
hanumangarh
जाखड़ांवाली. पिछले चार दशकों से सैंकड़ों हैक्टेयर क्षेत्र में सेम से दलदल हुई भूमि को सुधारने के लिए मुआवजे की मांग को लेकर जल्द ही सेम पीडि़त किसानों का प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलेगा। यह बात शुक्रवार को १३ एसपीडी के पास काला झंडा भैरू मंदिर में मासिक समीक्षा बैठक में किसानों ने कही।
जानकारी के अनुसार करीब चार दशक पूर्व इस क्षेत्र में अच्छी फसलें लहलहाती थी मगर भूमि की कोख से रिसे लवणीय जल सेम से इलाके में चारों ओर जल-जलकार होने से खेत तबाह हो गए। मगर पिछले ३-४ वर्षो से सेम का दबाव कम होने से सेम पीडि़त किसान भूमि को पुन: उपजाऊ बनाने के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं। वर्ष २०१५ में आन्दोलन के दौरान बड़ोपल ढ़ाब में पम्प लगाने व भूमि सुधार के लिए आर्थिक मदद करने पर समझौता हुआ था। जिसमें सरकार ने बड़ोपल ढ़ाब में पम्प लगाने का कार्य शुरू करवा दिया, मगर सेम से दलदल भूमि को सुधारने के लिए बजट स्वीकृत नहीं किया है। किसान प्रेम सिहाग, रामजीलाल कुलड़ीया, धन्नाराम गोदारा, ठानासिंह ग्रेवाल, संजय गोदारा ने कहा कि सरकार मुआवजे को लेकर गंम्भीर नहीं होने से किसान बर्बाद हो रहे हैं।
उन्होंने किसानों को संगठित होने पर बल देते हुए कहा कि अगर सरकार भूमि सुधार के लिए शीघ्र बजट जारी नहीं किया तो किसान पुन: आन्दोलन करने को विवश होंगे। बैठक मे सेमनाले की सिल्ट सफाई कर रही लॉगबूम मशीन के बार-बार बंद होने पर चिंता जताते हुए कमेटी गठित करने की योजना बनाई।
बैठक में भारतीय किसान संघ के पीलीबंगा तहसील अध्यक्ष हरीसिंह पचार, ग्राम इकाई अध्यक्ष रामस्वरूप गोदारा, श्योपाल जाखड़, देवीलाल गोदारा, भंवरलाल शर्मा, महावीर गोदारा, सुरजाराम सिहाग, राजु ढूकिया, गोविंदराम गोदारा, सरदारा सिंह, शेर मोहम्मद सहित कई किसान मौजुद हुए।
Updated on:
2 Feb 2019, 12:30 PM IST
Published on:
2 Feb 2019, 12:30 PM IST
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