27 मार्च 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan: अवैध पेट्रोलियम भंडारण में लगी भीषण आग, दो लोग झुलसे, ग्रामीणों में आक्रोश

Petrol-Diesel Fire: घटना के बाद ग्रामीणों में रोष भी देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध पेट्रोल-डीजल का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है, जिससे इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रहता है।

2 min read
Google source verification
Hanumangarh fire

अवैध पेट्रोलियम भंडारण गोदाम में लगी आग (फोटो-पत्रिका)

हनुमानगढ़। गोलूवाला के निकटवर्ती गांव चक तीन एचडीपी आबादी क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर अवैध पेट्रोल-डीजल भंडारण गोदाम में भीषण आग लगने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। यह गोदाम इसी गांव के निवासी विनोद कुमार छापोला का बताया जा रहा है। हादसे में गोदाम में मौजूद दो लोग झुलस गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद श्रीगंगानगर रेफर किया गया है।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब 1:45 बजे अचानक अवैध पेट्रोल-डीजल भंडारण गोदाम में आग भड़क उठी। उस समय वहां मौजूद हेमराज पुत्र बुधराम और पवन सिंह सिहाग पुत्र जगदीश सिहाग निवासी चक तीन एचडीपी आग की चपेट में आ गए। दोनों को तत्काल गोलूवाला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए श्रीगंगानगर रेफर कर दिया। हेमराज का एक पैर झुलस गया, जबकि पवन सिंह के मुंह और हाथ आग से प्रभावित हुए हैं।

मौके पर पहुंचे तहसीलदार

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। नायब तहसीलदार रामनरेश मीणा व थाना अधिकारी तेजवंत सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। दोपहर 3:15 बजे तहसीलदार नवीन गर्ग भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद शाम 4:40 बजे उपखंड अधिकारी उमा मित्तल घटनास्थल पर पहुंचीं और पूरे घटनाक्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जिला रसद अधिकारी को फोन कर मौके पर पड़े पेट्रोलियम पदार्थ को जब्त करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।

पीलीबंगा से आई दमकल

आग लगने के करीब 45 मिनट बाद, सबसे पहले पीलीबंगा से अग्निशमन वाहन मौके पर पहुंचा, जिसके बाद हनुमानगढ़ सहित अन्य स्थानों से भी दमकलें बुलाई गईं। आग इतनी भयावह थी कि पेट्रोलियम पदार्थों पर काबू पाने के लिए विशेष केमिकल का इस्तेमाल करना पड़ा। दमकल कर्मियों ने करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शाम 4:15 बजे आग पर नियंत्रण पाया।

दूसरी गोदाम सुरक्षित

गनीमत रही कि घटनास्थल परिसर में ही सटे दूसरे गोदाम में रखे हजारों लीटर पेट्रोल-डीजल तक आग नहीं पहुंची, अन्यथा स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।

देर शाम पहुंची रसद विभाग की टीम

देर शाम रसद विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर मौका मुआयना किया। समाचार लिखे जाने तक रसद विभाग की टीम के अधिकारी मौके पर पेट्रोलियम पदार्थों के अवैध भंडारण को लेकर कानूनी कार्रवाई कर रहे थे।

अवैध कारोबार पर उठे सवाल

घटना के बाद ग्रामीणों में रोष भी देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध पेट्रोल-डीजल का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है, जिससे इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अवैध भंडारण गोदामों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने की बात कही जा रही है।