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फसली बीमा में प्रीमियम दरों में लगातार की जा रही बढ़ोतरी से लुट रहे धरतीपुत्र

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हनुमानगढ़

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vikas meel

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Updated: 3 Aug 2018, 10:09 PM IST

meeting

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जोखिम किसानों का, मजा बीमा कंपनियों का
बढ़ोतरी वापस लेने की मांग पर बीस को घेरेंगे कलक्ट्रेट

हनुमानगढ़. फसल बीमा में प्रीमियम रेट में बढ़ोतरी करने के निर्णय का विरोध किसान संगठन लगातार कर रहे हैं। इसी क्रम में किसानों ने बीस अगस्त को कलक्ट्रेट घेरने की चेतावनी दी है। आंदोलन की तैयारी को लेकर शुक्रवार को जंक्शन में किसान भवन में खेती बचाओ-किसान बचाओ व भाखड़ा किसान संघर्ष समिति के तत्वावधान में किसान नेताओं की बैठक हुई। इसमें सभी ने बढ़ोतरी का विरोध करने का निर्णय लिया।


इस मौके पर भाखड़ा किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा कि बीमा कंपनियां किसानों से मोटी रकम वसूल करने के बाद क्लेम भुगतान करने में आनाकानी करती है। संगरिया का उदाहरण देकर बताया कि सरकार की कमियों के कारण वहां पर क्रॉप कटिंग कार्य ही समय पर संपन्न नहीं हुआ, इसके कारण गरीब किसानों को करोड़ों के क्लेम से वंचित होना पड़ा। बीमा के नाम पर किसानों से की जा रही लूट को बंद करने की मांग की। फसल बीमा योजना में पूरे जिले को इकाई मानने के नियम का सभी ने विरोध जताया। आरोप लगाया कि बैंक वाले भी कमीशन के चक्कर में बीमा कंपनियों के लिए एजेंट का काम करते हैं।


किसान नेता ओम जांगू ने बताया कि वर्ष 2015 से जब से पीएम फसल बीमा लागू की गई है तब से किसानों का हाल बुरा हो रहा है। साल-दर-साल प्रीमियम में बढ़ोतरी से किसानों की कमर टूटने लगी है। जबकि क्लेम के नाम पर बीमा कंपनी किसानों को ठेंगा दिखा देती है। वक्ताओं ने कहा कि प्रीमियम काटने का कोई निश्चित आधार सरकार तय नहीं कर रही। जिस फसल पर श्रीगंगानगर में पांच प्रतिशत प्रीमियम है, उसी का हनुमानगढ़ में नौ प्रतिशत किया गया है।

इससे किसान भ्रमित और आर्थिक रूप से तंग हो रहे हैं। एक गांव का उदाहरण देकर बताया कि एक ही नहर से पानी कई गांवों में जाता है लेकिन बीमा कंपनी ने जोखिम में बड़ा फर्क कर रखा है। जोखिम के खेल में बीमा कंपनियां चांदी कूट रही है और किसान लुट रहे हैं। सभी ने पार्टीबाजी से ऊपर उठकर किसान हित में एकजुट होकर संघर्ष करने का निर्णय लिया। कांग्रेस ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष गुरदीप सिंह चहल, रिछपाल सिंह मान, रणवीर सिहाग, गुरदीप सिंह चंदड़ा, सौरभ राठौड़, पूर्व पार्षद बलराज सिंह दानेवालिया, पार्षद अनिल खीचड़, सुमित रिणवा, किसान नेता कुलविंदर सिंह ढिल्लो आदि मौजूद रहे।


कंपनी को बदला : जिस कंपनी को गत वर्ष बीमा करने का कार्य दिया गया था, उसे इस बार यह कार्य नहीं दिया गया है। इस बार हनुमानगढ़ जिले में इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी को कार्य दिया गया है। कंपनी प्रतिनिधि शैलेंद्र कुमार ने बताया कि बीमा योजना के तहत ऋणी किसानों के लिए प्रीमिय जमा करवाने की अंतिम तिथि तीन अगस्त निर्धारित की गई थी। इसके तहत पोर्टल पर आंकड़े अपटेड किए जा रहे हैंं।

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