अब तक शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारियों व कार्मिकों से लेकर मुख्यालय स्तर तक सभी इससे अनजान हैं। इससे सहज ही लापरवाही का अंदाजा लगाया जा सकता है। शिक्षक नेताओं का कहना है कि पिछले कुछ बरसों से शिक्षा विभाग के कर्मचारियों, योजनाओं व विद्यार्थियों से संबंधित तमाम डाटा शाला दर्पण पोर्टल पर ऑनलाइन है। निरंतर उसे अपडेट भी किया जाता है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग के लिपिक वर्ग ऐसी गलतियां करते हैं जो बहुत गंभीर किस्म की हैं।