
E-mitra gave notice
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संगरिया. ई-मित्राधारकों की परीक्षा एवं अन्य समस्याओं के निराकरण नहीं होने से नाराज ई-मित्रा संचालकों ने तहसीलदार सुरेंद्र जाखड़ को कलक्टर के नाम शुक्रवार दोपहर ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने डीओआईटी द्वारा ई-मित्रा संचालकों की 9 दिसंबर को परीक्षा करवाने और ७५ फीसदी अंक नहीं आने पर केंद्र बंद करने के निर्णय का विरोध जताया है। उन्होंने 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले संचालकों को सरकारी कर्मचारियों का दर्जा देकर कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में समायोजित करने, अनिवार्यता समाप्त कर परीक्षा रद्द करने की मांग की है।
ईमित्र समिति अध्यक्ष सतीश अग्रवाल, धीरज सेन, हिमांशु हांडा, लखविंद्रसिंह, विकास, कमल चिलाना, पोकरराम, मुसाफिर अली, लियाकतअली, गुरपाल, लालचंद चोपड़ा, बलकरण, गोपीराम, मदनलाल, श्रीराम, सिद्धार्थ मोदी, भुवनेश गुप्ता, मनोज, सुभाष कड़वासरा सहित ४५ ईमित्र धारकों ने प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि परीक्षा में पास ना होने पर वे बेरोजगारों की कतार में खड़े हो जायेगें। उन्हें कंप्यूटर प्रिंटर व लाखों का सामान बेकार हो जाएगा। कहा कि ईमित्रा जारी करते वक्त मापदंड पूर्ण करने पर ही मिले लाइसेंस के बाद ऐसी नई शर्त लगाना कुठाराघात है।
हालांकि लगभग 300 से अधिक सेवाएं ईमित्र पर उपलब्ध हैं लेकिन कमीशन नाम मात्र है। बिजली बिल भरने पर 2-3 रुपए कमीशन है लेकिन रसीद प्रिंट का खर्च ही 2 रुपए हो जाता है। जिस सर्विस में कोई कागज अपलोड नहीं करना उसका कमीशन 18 व जिसमें 20 कागज अपलोड करने हैं उसका महज14 रुपए है। इस तरह उनसे कमीशन के नाम पर भी धोखा हो रहा है।
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Published on:
8 Dec 2017, 5:24 PM IST
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