हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर की आबोहवा में तैयार किन्नू की मांग देश ही विदेशों में भी खूब है। इसलिए खरीदार फ्रूटिंग के समय ही किसान से सौदा तय कर लेते हैं। किसानों को उपज की गारंटी मिलने से उनका भविष्य सुरक्षित हो जाता है। उद्यान विभाग हनुमानगढ़ के सहायक निदेशक ओमप्रकाश सैन के अनुसार गत वर्ष किन्नू उत्पादक किसानों को औसतन प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपए की आय हुई थी। इस वर्ष जिस तरह से फ्रूटिंग हुई है, इसके आधार पर आय सवा लाख प्रति हेक्टेयर होने की संभावना है। फल अच्छे लगने के साथ ही मार्केटिंग भी अच्छी होने से किसानों को इस बार अच्छा मुनाफा हो सकता है।