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हरदोई. शासन से निर्देश आने के बाद बिना रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस के खाद्य पदार्थों का कारोबार व्यापार करने वालों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट वंदिता श्रीवास्तव ने विभागीय अधिकारियों को इस ओर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि खाद्य पदार्थों का किसी प्रकार का करोबार बिना लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के नही किया जा सकता है । इसको लेकर एक बार फिर सर्वे चल रहा है और जिनके रजिस्ट्रेशन नहीं उन्हे इस ओर जागरूक किया जा रहा है। जल्द ही बिना रजिस्ट्रेशन वालों को नोटिस, जुर्माना और उनके खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही किए जाने की तैयारियां चल रही है ।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 31 (1) के अनुसार खाद्य पदार्थों की बिक्री एवं निर्माण बिना पंजीकरण या लाइसेंस के संचालित नहीं किया जा सकता है। यही कारण है कि छोटी चाय की दुकानों, चाट पकौड़ी के ठेलों एवं समोसा , मिठाई, गुड, बताशा आदि की दुकानों से लेकर बड़े-बड़े होटल रेस्टोरेंट और खाद्य कारोबार करने वालों के लिए पंजीकरण कराना जरूरी है। मगर जिले में इसको लेकर गफलत का माहौल बना हुआ है।
सूत्रों का कहना है कि जिले भर में खाद्य पदार्थों की बिक्री एवं निर्माण कार्य का कारोबार करने वाले अस्थाई एवं स्थायी दुकानों, ठेलों, खोमचों आदि की संख्या दस हजार से अधिक होने का अनुमान है मगर इसके सापेक्ष अभी तक पंजीकरण एवं लाइसेंस लेने वालों का आंकड़ा काफी कम है। जिसके चलते शासन ने इस ओर कड़े निर्देश दिए है ताकि शत प्रतिशत दुकानदारों एवं करोबारियों का पंजीकरण सुनिश्चित हो सके ।
किसके लिए जरूरी है पंजीकरण एवं लाइसेंस
सभी प्रकार के खाद्य पदार्थो की बिक्री करने वाले निमार्ण करने वाले एवं वितरण करने वाले दुकानदार एवं व्यापारी। जैसे किराना स्टोर, जनरल स्टोर, डेरी, दूधिए, केटरिंग करने वाले, ढ़ाबा, होटल, रेस्टोरेट, परचून की दुकान, गट्टा बताशा, टिक्की, समोसा, मटर, चाट, गोलगप्पा, सहित अन्य खाद्य पदार्थो से संबंधित मिले, दुकाने तथा ठेले आदि ।
पंजीकरण शुल्क
दस लाख रूपए तक वार्षिक टन ओवर वाले अस्थाई दुकानदारों के लिए पंजीकरण फार्म भरके केबल सौ रूपए वार्षिक शुल्क है। पांच साल तक के लिए एक साथ शुल्क जमा कराके पंजीकरण कराया जा सकता है। अस्थाई दुकानदारों के लिए सिर्फ पंजीकरण होना है। जब कि दस लाख से अधिक वार्षिक टर्न ओवर वाले स्थायी दुकानदारों , व्यापारियों के लिए पंजीकरण के साथ लाइसेंस दिया जाता है जिसका शुल्क 2 हजार से 7500 रुपए वार्षिक तक है। अधिकतम पांच वर्षों का शुल्क जमा कर लाइसेंस लिया जा सकता है।
अब तक हुए पंजीकरण
पंजीकरण कराने वाले व्यापारियों की संख्या - 2703
लाइसेंस लेने वाले व्यापारियों का संख्या- 309
पंजीकरण एवं लाइसेंस के लिए कैसे करें आवेदन
संबंधित अस्थाई या स्थायी दुकानदार व्यापारी द्वारा कलेक्टे्रेट परिसर स्थित खाद्य सुरक्षा अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर पंजीकरण एवं लाइसेंस के लिए आवेदन करना चाहिए। अगर छोटे मझौले ठेले वाले दुकानदार है तो पंजीकरण होगा और बड़े व्यापारी है तो लाइसेंस जारी होगा। इसके लिए फोटो तथा प्रमाण पत्र आदि भी लगाने होगे। अगर कोई परेशानी होती है तो मुख्य खाद्य निरीक्षक से शिकायत एवं समस्या बता सकते है। पंजीकरण विभागीय वेबसाइट पर आनलाइन आवेदन की सुविधा है ।
6 महीने की कैद और जुर्माने की हो सकता है कार्यवाही
बिना पंजीकरण या लाइसेंस के खाद्य पदार्थ बेंचने का कारोबार करने वालों के विरुद्ब खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत ६ माह तक की कैद या ५ लाख तक का जुर्माने की कार्यवाही हो सकती है।
क्या कहते है अधिकारी
इस संबंध में मुख्य खाद्य निरीक्षक एडी पाण्डेय कहते है कि पंजीकरण एवं लाइसेंस के लिए दुकानदारों एवं व्यापारियों को जागरूक किया जा रहा है। लेकिन अपेक्षानुसार पंजीकरण नहीं हो रहे है। सर्वे चल रहा है व्यापारियों को पंजीकरण के जागरूक किया जा रहा है । जिला प्रशासन के निर्देशानुसार अगले माह बिना रजिस्ट्रेशन वाली दुकानों को नोटिसें जारी की जाएगी और उसके बाद उनके खिलाफ एडीएम न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा ।
Published on:
24 Sept 2017 06:03 pm
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