
माधोगंज क्षेत्र के कई गांवों में एक घंटे तक मौसम का तांडव, बड़े ओलों ने गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
Hardoi Weather Farmer Loss: जनपद के माधोगंज क्षेत्र में बुधवार शाम अचानक बदले मौसम ने तबाही मचा दी। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जहां आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया, वहीं किसानों की खड़ी फसल पर भारी संकट खड़ा कर दिया। करीब एक घंटे तक चले इस प्राकृतिक कहर ने कई गांवों में नुकसान की तस्वीर छोड़ दी।
माधोगंज क्षेत्र के इंदलापुर, तपनौर, जेहदीपुर और आसपास के कई गांवों में अचानक मौसम ने करवट ली। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। लगभग 30 मिनट तक तेज बारिश के साथ बड़े-बड़े ओले गिरते रहे, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के अनुसार, ओलों का आकार काफी बड़ा था,करीब 40 से 50 ग्राम तक के ओले गिरने की बात सामने आई है। इतनी भारी ओलावृष्टि ने खेतों और सड़कों दोनों पर भारी असर डाला।
तेज आंधी और ओलावृष्टि के कारण सड़कों पर चल रहे लोगों को अचानक रुकना पड़ा। कई स्थानों पर वाहन चालकों ने अपनी गाड़ियां सड़क किनारे छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागना ही बेहतर समझा। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि ओले इतने बड़े और तेज गिर रहे थे कि बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। लोग जहां थे, वहीं छिपने की कोशिश करने लगे। इस दौरान कई दोपहिया वाहन सवारों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। इस समय खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार थी और कटाई का समय नजदीक था। ऐसे में अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। ओलों की मार से गेहूं की बालियां टूटकर जमीन पर गिर गईं, जिससे उत्पादन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। कई किसानों ने बताया कि उनकी फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। एक किसान ने दुख जताते हुए कहा,साल भर मेहनत की थी, अब कटाई से पहले ही सब खत्म हो गया। समझ नहीं आ रहा अब क्या करेंगे।
ओलावृष्टि के बाद पूरे क्षेत्र में चिंता और मायूसी का माहौल है। किसान अपनी बर्बाद फसलों को देखकर परेशान हैं और आर्थिक नुकसान को लेकर चिंतित हैं। कई किसानों का कहना है कि यदि सरकार की ओर से जल्द मुआवजा नहीं मिला, तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है।
घटना के बाद ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नुकसान का सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा से हुए इस नुकसान की भरपाई केवल सरकारी सहायता से ही संभव है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के मौसम परिवर्तन जलवायु बदलाव का संकेत भी हो सकते हैं। अचानक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि जैसी घटनाएं किसानों के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर रही हैं।
हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन फसलों के नुकसान के साथ-साथ आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी खबरें सामने आई हैं। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
संबंधित विषय:
Published on:
09 Apr 2026 03:31 pm
बड़ी खबरें
View Allहरदोई
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
