
हाथरस। जिले में हाथरस प्रीमियर लीग (HPL) क्रिकेट टूर्नामेंट के नाम पर बड़ा 'खेल' किए जाने की खबरें तेजी से फैल रही हैं। यहां सरकारी स्कूल के मैदान में बिना अनुमति के क्रिकट टूनामेंट कराया जा रहा है। जिसमें विज्ञापन के बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए हैं। इतना ही नहीं टीमों की खरीद फरोख्त के नाम पर भी बड़ा खेल होने की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
पूरा कॉलेज परिसर विज्ञापनों से पटा
हाथरस में पहली बार 'हाथरस प्रीमियम लीग' के नाम से शहर के दौलत राम बारह सैनी इंटर कॉलेज के मैदान में क्रिकेट टूर्नामेंट का हो रहा है। जिसके संयोजक के तौर पर शहर के रोटरी क्लब हाथरस द्वारा सहभागिता की गई है। टूर्नामेंट में आठ टीमों ने भाग लिया है। सभी आठ टीमों को आईपीएल की तर्ज पर शहर की नामी उद्योग और कॉलोनाइजर हस्तियों ने खरीदा है। उन्होंने अपने नाम पर टीमों का नाम रखा गया है। टूर्नामेंट के अंतर्गत विभिन्न कंपनियों द्वारा स्पॉन्सर के रूप में अपने-अपने विज्ञापन लगाए गए हैं। खिलाड़ियों की यूनीफार्म से लेकर स्कूल गेट व मैदान पूरी तरह से विज्ञापनों से पटा हुआ है।
ये है शिक्षा विभाग का नियम
बता दें कि शिक्षा विभाग की नियमावली 'शिक्षा का अधिकार' अधिनियम 2010 भाग संख्या 5 के बिंदु संख्या 15 (a)(घ) में स्कूल मैदान केवल शिक्षा और कौशल विकास के लिए उपयोग में लाए जा सकते हैं। बाहरी व्यक्ति या कोई भी संस्था किसी भी कार्यशैली व व्यावसायिक कार्यक्रम के लिए सरकारी मैदान का उपयोग नहीं कर सकता है। इसके बावजूद मैदान में कुछ लोग बैगर अनुमति के क्रिकेट टूर्नामेंट करा रहे हैं, जो नियम विरुद्ध है।
कॉलेज प्रशासन से नहीं ली अनुमति
इस संबंध में जब जिला विद्यालय निरीक्षक सुनील कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधन व टूर्नामेंट संयोजकों द्वारा इस प्रकार की किसी भी गतिविधि की कोई अनुमति नहीं ली गई है। इस तरह के कार्यक्रम कराने पर स्कूल प्रबंधन व आयोजकों के विरुद्ध जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
19 Jan 2018 07:39 pm
बड़ी खबरें
View Allहाथरस
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
