
हाथरस। तहसील दिवस से लौट रहे कमिश्नर सतीश चंद्र शर्मा की गाड़ी को एक किसान बेटी ने रोक लिया। उसने अपने पिता के लिए न्याय की गुहार लगाई। युवती सर...सर...कहकर अपनी शिकायत बताती रही, लेकिन कमिशन साहब ने कार से उतरकर फरियाद सुनना मुनासिब नहीं समझा। कार से अंदर से ही कार्रवाई का आश्वासन देकर चले गए।
अमीन पर मारपीट करने का आरोप
हाथरस जिले की तहसील सादाबाद में मंगलवार को तहसील दिवस का आयोजन हुआ था। जिसमें फरियादियों की फरियाद सुन कमिश्नर सतीश चंद्र शर्मा गाड़ी में बैठकर निकल रहे थे, तभी किसान हाकिम सिंह की बेटी शीतल ने उनकी गाड़ी को रोक लिया। उसने कमिश्नर को बताया कि उसके पिता को बिना नोटिस दिए तहसील के अमीन ने बाजार से उठा लिया और उनके मारपीट की गई। जिसके बाद उन्हें तहसील में बंद कर दिया।
किसान ने बैंक से लिया था कर्ज
युवती शीतल का कहना था कि उसके पिता ने 2009 में बैंक से दो लाख 90 हजार रुपए कर्ज लिया था। जिसको वो अभी तक नहीं चुका सके। उसने बताया कि मुख्यमंत्री के योजना के तहत उसका कर्ज माफ़ होना था, जो अब तक नहीं हुआ है। अब कर्ज वसूली के नाम पर बिना नोटिस के अमीन उसके पिता को प्रताड़ित कर रहे हैं। युवती की शिकायत पर कार में बैठे कमिश्नर ने एसडीएम सादाबाद जय प्रकाश को जांच के आदेश दिए। जिसके बाद चले गए। हैरानी बात ये थी कि जब युवती अपनी फरियाद सुना रही थी तो कमिश्नर साहब ने बहुत जल्दबाजी में दिखे। वहीं गाड़ी के आसपास खड़े अधीनस्थ अफसर युवती को टरकाने का प्रयास करते रहे।
आश्वासन लेकर लौटी युवती
भले ही कमिश्नर ने सतीश चंद्र शर्मा ने मामले में जांच के आदेश दे दिए हों, लेकिन फरियाद सुनते वक्त जो रवैया देखने को मिला। उससे ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकारी महकमा जनता की समस्याओं के प्रति कितना गंभीर है। फिलहाल किसान की बेटी आश्वासन के साथ अपने घर लौट गई।
Published on:
07 Feb 2018 09:16 am
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