
हाथरस। आम बजट 2018 में भले ही केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए फसलों की लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने की घोषणा की हो, लेकिन हाथरस जिले के आलू किसान इससे खुश नहीं है। किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष भी सरकार ने आलू का रेट तय किया था। फिर भी आलू नहीं खरीदा गया, अब क्या खरीदेंगे।
बजट से खुश नहीं किसान
उत्तर प्रदेश में हाथरस को आलू की पैदावार का बड़ा क्षेत्र माना जाता है। यहां के किसान राजेश का कहना है कि पिछली बार भी सरकार ने ऐला किया था कि 487 रुपए प्रति कुंतल आलू खरीदा जाएगा, लेकिन आज तक किसी ने नहीं खरीदा। अब क्या खरीदेंगे। सैकड़ों कुतंल आलू खेतों में सड़ गया। स्थिति बहुत खराब है। अब इस घोषणा के बाद क्या होता है देखते हैं। किसान अशोक कुमार भी आलू की फसल करते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक तो उन्हें सरकार की घोषणा का फायदा नहीं मिला है। आलू की फसल में नुकसान ही उठाना पड़ रहा है।
फसल की लागत कौन तय करेगा
वहीं अर्थशास्त्री डॉक्टर एससी शर्मा का कहना है कि आम बजट संतोषजनक जरूर है, पर कुछ संशय बना हुआ है कि लाखों नौकरी कहां से देंगे। फसल की लागत तय की जाएगी वो सरकार करेगी या कृषि आयोग और किस आधार पर तय करेगी। डॉक्टर ओपी शर्मा ने बताया कि इस बजट में स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कृषि प्रधान देश में किसान पर फोकस किया गया है, अच्छी बात है, लेकिन घोषणाएं कितनी जमीन पर आएंगी। ये देखने वाली बात होगी।