
उत्तर प्रदेश के हाथरस में बाबा साकार हरि के सत्संग में अनुयायियों की भीड़ इतनी उमड़ पड़ी की अव्यवस्था फैल गई। लगाई गई बैरिकेटिंग भी टूट गई। काफी अफरा-तफरी का माहौल था। मौके पर मौजूद अनुयायियों ने बताया कि अफरा-तफरी के बीच बाबा ने कई बार नाराजगी भी व्यक्ति की। उन्होंने कहा कि आज कुछ होने वाला है। अंत में बाबा यह कहते हुए चले गए कि उन्होंने बहुत झेला है। अब आप लोग झेलो। बाबा के जाने के बाद मची भगदड़ में 116 लोगों की मौत हो गई। जिसमें महिलाओं की संख्या अधिक है। इसकी गूंज लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सुनाई पड़ी। मुख्यमंत्री भी काफी नाराज दिखे। आज उनके घटनास्थल पर जाने का कार्यक्रम है।
हाथरस जिले के फुलरई मुगलगढ़ी सिकंदराराऊ में जुलाई 2024 के पहले मंगलवार को बाबा साकार हरि ने सत्संग का आयोजन किया गया। जो 12:30 बजे शुरू हुआ। 2:30 बजे तक चलना था। लेकिन पंडाल में उमड़ी भीड़ को बाबा की फौज 'सेवादार' नहीं संभाल पा रहे थे। पंडाल में महिला अनुयायियों की संख्या अधिक थी और उनमें गजब का उत्साह था, वह नाच रही थी।
बाबा साकार हरि ने पंडाल के अंदर मौजूद अनुवाइयों को अनुशासित रहने को कहा। लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। शाहजहांपुर से आई मुन्नी देवी ने बताया कि इसके बाद बाबा ने नाराजगी दिखाई और 2:30 बजे खत्म होने वाला सत्संग 1:30 बजे ही खत्म हो गया। यह कहते हुए मौके से चले गए कि उन्होंने बहुत झेल है। अब आप लोग झेलो। बाबा ने कहा कि आप लोगों को अनुशासित नहीं हैं, अपनी मनमर्जी कर रहे हैं। उन्होंने अनिष्ट की आशंका व्यक्त की। जो सच साबित हुई। बाबा के सेवादार भीड़ को संभाल नहीं पाए। परिणाम 116 लोगों की मौत हो गई।
Updated on:
03 Jul 2024 09:21 am
Published on:
03 Jul 2024 09:21 am
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