24 सितंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

हाथरस की घटना से ताजा हो गईं प्रतापगढ़ की यादें, 14 साल पहले 63 लोगों की हुई थी मौत

हाथरस की घटना के बाद एक बार फिर प्रतापगढ़ की घटना की याद ताजा हो गई है। 14 साल पहले हुई घटना में 63 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 100 से ज्यादा श्रद्धालु घायल हो गए थे।
2 min read
Google source verification

हाथरस में हुई घटना ने प्रतापगढ़ की घटना को याद कर दिया। जिसमें 63 लोगों की मौत हुई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। यह घटना आज हाथरस की घटना होने के बाद याद आ रही है जिसमें 130 लोगों की मौत होने की खबर है। घटना हाथरस जिले के सिकंदरा राऊ के फूलरई मुगलगढ़ी नेशनल हाईवे के पास की है। यहां पर भोले बाबा के सत्संग का आयोजन किया गया था। सत्संग समाप्त होने के बाद हादसा हुआ है। जब सत्संग करने के बाद बाबा वापस जा रहे थे। तब पीछे से श्रद्धालु उनके पैरों की धूल लेने के लिए पीछे दौड़ पड़े। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार उसी समय यह हादसा हुआ। जब लोग एक दूसरे पर गिरते चले गए।

यह भी पढ़ें: डीएम ने 50 से 60 लोगों के मौत की पुष्टि की, प्रधानमंत्री ने दुख व्यक्त किया

प्रतापगढ़ में 4 मार्च 2010 को राम जानकी मंदिर में कृपालु जी महाराज की तरफ से पत्नी की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें लोगों को खाना और कपड़े बांटने की योजना थी। कार्यक्रम में 10 000 से ज्यादा लोग मौजूद थे। कपड़े और खाना बांटने के दौरान भगदड़ मच गई। जिसमें 63 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना में 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

चरणों की धूल लेने के लिए झुकना पड़ा महंगा

आज के कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की मौजूदगी की कोई निश्चित संख्या नहीं आ रही है‌। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार कई लाख लोगों के मौजूद थे। उन्होंने बताया कि जब सत्संग के बाद बाबा वापस जा रहे थे तो उनके चरणों की धूल लेने के लिए भक्त दौड़ पड़े। इसी दौरान यह हादसा हो गया और लोग एक दूसरे पर गिरते चले गए। परिणाम यह हुआ कि 100 से ज्यादा श्रद्धालुओं की मौत हो गई। ‌

बड़ी खबरें

View All

हाथरस

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग