
Lekhpal
हाथरस। लेखपालों (Lekhpal) का कहना है कि अलीगढ़ (Aligarh), शाहजहांपुर (Shahjahanpur), रामपुर (Rampur) आदि जनपदों में जिलाधिकारियों (Distirct Magistrates) द्वारा लेखपालों का उत्पीड़न (Harassment) किया जा रहा है। इससे लेखपालों में शासन के प्रति अविश्वास एवं असंतोष है। लेखपालों की अन्य मांगों पर भी सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। समस्या बढ़ती जा रही है। इस संबंघ में उत्तर प्रदेश लेखपाल संग उपशाखा सासनी के लेखपालों ने तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव के नाम एसडीम हरीशंकर यादव को एक ज्ञापन सौंपा।
शासनादेश के बाद भी कुछ नहीं किया
ज्ञापन में लेखपालों ने कहा है कि पेंशन विसंगति सेवा नियमावली एवं तहसीलों के आधारभूत सुविधाएं व संसाधन संबधी शिकायतों के साथ अन्य मांगों को लेकर उन्होंने वर्ष 2016 में मुख्य सचिव को अवगत कराया था। इस बारे में शासनादेश जारी होने के बाद भी विभागीय अधिकारी कुंभकरण की नींद सोए हुए है। कुछ भी नहीं किया है।
यह भी पढ़ें
ये भी हैं मांगें
लेखपालों ने द्वितीय एपीएफ, वेतन उच्चीकरण, प्रोन्नति काडर रिव्यू, पेंशन विसंगति, भत्ता, ई-डिस्ट्रिक योजना के तहत प्रति आवेदन पांच रुपया उपलब्ध कराना, राजस्व लेखपाल का पदनाम परिर्वतन, राजस्व सेवा नियमावली, लैपटॉप व स्मार्टफोन उपलब्ध कराने, आधारभूत सुविधयाएं एवं संसाधन, राजस्व टास्क फोर्स कृषि विभाग की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के क्रियान्वयन, अंतरमंडलीय स्थानानंतरण, परीक्षाफल घोषित किया जाना, प्रोन्नति आदि मांगों को लेकर ज्ञापन दिया है। ज्ञापन देने वालों में जगन्नाथ प्रसाद, सचिन पुण्डीर, गौरव चौधरी, अमन कुमार, विवेक वाष्र्णेय, नरेन्द्र सिंह, राजेश कुमार, अरविंद ठाकुर, अरिविंद सेंगर, धर्मवीर सिंह, तेजवीर सिंह, शिव कुमार दीक्षित, अवधेश कुमार आदि मौजूद थे।
यह भी पढ़ें
Published on:
04 Sept 2019 10:31 am
बड़ी खबरें
View Allहाथरस
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
