
हाथरस। ब्लाॅक हाथरस के गांव एहवरनपुर में नहर की पटरी कटने से हजारों वीघा आलू और गेंहू की फसल पानी में डूब कर बरबाद हो गयी। गंग नहर की पटरी कटने की सूचना के कई घण्टों बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने जेसीबी मशीनों की मदद से नहर की पटरी पर मरम्मत कार्य शुरू करा दिया है। किसानों का कहना है कि ये कोई पहली बार नहर का कटान नहीं हुआ है, यहां अक्सर अधिकारियों की लापरवाही से किसानों को इसका खमियाजा उठाना पड़ता है। सुबह सूचाना पर यदि अधिकारी समय से आते तो हाजारों बीगा फसल बरबाद होने से बचाई जा सकती थी।
आलू और गेंहू की फसल बरबाद
नहर की पटरी के कटने की सूचना पर अपनी फसल को देखने पहुंची निर्मला देवी का कहना है कि उनका खेत नहीं है पर उन्होंने किसान से खेत को भाड़े पर ले कर इसमें आलू और गैंहू की फसल की थी जो पूरी तरह बरबाद हो गयी है। निर्मला देवी का रो रो कर बुरा हाल है उनका कहना है कि अब हमारी बरबादी की ओर सरकार ध्यान दे। सरकार से मदद की आस है। वहीं खेत भाड़े पर लेने वाले दूसरे किसान अशोक कुमार का कहना है कि हमें साल भर का खेत का भाड़ा भी देना पडे़गा, फसल में लगी लाखों की रकम पूरी तरह नष्ट हो गयी। सरकार के द्वारा दिया जाने वाला अनुदान भी किसान के खाते में ही जायेगा।
चार जेसीबी से चल रहा बचाव कार्य
गंग नहर पटरी कटने की सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी अरूण कुमार मौके पर पहुंच गये और फोन के जरिये सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नहर की पटरी कटने की सूचना सुबह छह बजे दी थी। उन्होंने बताया कि अभी चार जेसीबी की मशीन मंगा ली है जिनसे पटरी को जोड़ने का काम चल रहा है।
Published on:
03 Feb 2018 02:49 pm
