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World Water Day 2018 यहां पानी की तलाश से शुरू होती है लोगों के दिन की शुरुआत

लगातार गिरते जल स्तर से यहां के लोगों मुश्किल से आवश्यकता से कम पानी मिल पा रहा है।

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हाथरस

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Amit Sharma

Mar 22, 2018

World Water Day 2018

हाथरस। देश में जल संसाधन को लेकर तमाम योजनाएं सरकार की ओर से संचालित हैं लेकिन इसके बावजूद भी इस समय देश भर में पानी की किल्लत है, ऐसे में यूपी का हाथरस जिला भी इस भीषण समस्या से अछूता नहीं है। लगातार गिरते जल स्तर से यहां एक तो मुश्किल से आवश्यकता से कम पानी लोगों को मिल रहा है। दूसरे यहां करीब 50 गांव ऐसे हैं जिनमें पानी इतना खारा है कि दूर दराज से पीने के पानी को भरकर लाने में ही दिन गुजर जाता है। यहां पानी न पीने योग्य है न खेती योग्य है। दिन प्रतिदिन लोगों और उनके मवेशियों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है।

इन गांवों के वांशिंदे जूझ रहे पानी की समस्या से

हाथरस जिले के महो, मुहब्ब्तपुरा, नवलगढ़ी, केशोपुर, ग्वारउ आदि 40 से 50 गांव ऐसे हैं जहां पानी की बहुत किल्लत है। यहां सुबह हो या शाम, छोटा हो या बड़ा, महिला हो या पुरुष सभी की प्राथमिकता पर एक ही काम है कि कहीं पीने योग्य पानी का श्रोत तलाशा जाए और पीने का पानी घर लाया जाए। ग्रामीण दीपू पचौरी के अनुसार इन गांवों का पानी खारा है और काफी कड़वा भी है। पानी पीने योग्य कतई नहीं है। इस पानी से आदमी तथा मवेशियों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। इन गांवों में आदमी और मवेशी अक्सर प्यासे भी रहते हैं। इस पानी से फसल भी कम होती है। हालात ऐसे हैं कि गांव का कोई युवा बाहर जाकर जॉब की सोचे तो उसे यह भी सोचना पड़ता है कि उसके मां बाप गांव में प्यासे रहेंगे। लोग इन गांवों में अपनी बेटी ब्याहने से कतराते हैं और बारातें यहां से प्यासी निकल जाती हैं। इन गांवों के लोगों की पीड़ा है कि सरकार उनकी नहीं सुन रही है। मीठे पानी के लिए उनके यहां टंकी बनना मंजूर हुई थी लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। लोगों में नाराजगी है। एमएलए हो या एमपी उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। लोग कहते हैं कि सिलसिला यही रहा तो वे इन गांवों से लोग पलायन को मजबूर होंगे।


हर साल गिर रहा 10 फुट जल स्तर

सिंचाई विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो पानी की विकराल होती समस्या का पता चलता है। लघु सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जल स्तर हर साल 10 फुट नीचे गिर रहा है। अलबत्ता किसी समाधान की जगह उनके पास रहीम दास जी का दोहा है और सुझाव कि सबमर्सिबिल बंद हों तथा घरों पर रूफ टॉप हार्वेस्टिंग हो। जल निगम के हालात भी कमोवेश ऐसे ही हैं। नाइट्रेट तय मात्रा से जिलेभर में अधिक है।