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रूस की एंटी-एजिंग वैक्सीन से जगी उम्मीद! 10 गुना तेजी से बूढ़ा बनाने वाली बीमारी का क्या सच में हो सकता है अंत

Russia Anti-Aging Vaccine: दुनिया में जहां रूस के वैज्ञानिकों ने कोशिकाओं का बुढ़ापा रोकने वाली पहली वैक्सीन विकसित कर सनसनी मचा दी है, वहीं प्रोजेरिया जैसी बीमारी से जूझ रहे मासूमों के लिए भी नई उम्मीद जगी है। जानें, आखिर क्या हैं इस बीमारी के कारण और लक्षण।

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भारत

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Nidhi Yadav

Apr 28, 2026

Russia Anti-Aging Vaccine

Russia Anti-Aging Vaccine (Image- gemini)

Russia Anti-Aging Vaccine: इंसान की हमेशा से ख्वाहिश रही है कि वह कभी बूढ़ा न हो। रूस के वैज्ञानिकों ने इस सपने की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया है। 'द मॉस्को टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, रूस में एक ऐसी वैक्सीन विकसित की गई है जो शरीर के RAGE रिसेप्टर को निशाना बनाकर कोशिकाओं को बूढ़ा होने से रोकती है। लेकिन इस तकनीकी प्रगति के बीच दुनिया का ध्यान उन बच्चों की ओर भी गया है जो प्रोजेरिया (Progeria) नाम की लाइलाज बीमारी के कारण अपनी उम्र से 10 साल बड़े दिखने लगते हैं।

रूस का दावा है कि उनकी यह नई सेलुलर तकनीक भविष्य में ऐसी गंभीर जेनेटिक बिमारियों के इलाज का आधार बन सकती है।

क्या होती है प्रोजेरिया?

यह एक बेहद खतरनाक और दुर्लभ बीमारी है जिसमें बच्चा जन्म के समय तो बिल्कुल सामान्य दिखता है, लेकिन 10 से 24 महीने की उम्र के बीच उसमें बुढ़ापे के लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं। इस बीमारी से पीड़ित बच्चों की औसत आयु आमतौर पर 13 से 15 वर्ष के बीच होती है।

क्या होते हैं संभावित कारण?

  • LMNA नामक जीन में खराबी होना।
  • प्रोजेरिन (Progerin) नामक असामान्य प्रोटीन बनना।

इसके लक्षण क्या होते हैं?

  • बच्चे की लंबाई और वजन कम रह जाना।
  • सिर के बाल, पलकें और भौहें पूरी तरह गिर जाती हैं।
  • चेहरा सिर के मुकाबले छोटा होता है।
  • त्वचा बहुत पतली और झुर्रीदार दिखने लगती है।
  • हड्डियां कमजोर हो जाती हैं।

इससे बचने के लिए क्या करें?

  • दिल की सेहत का विशेष ख्याल रखें।
  • डॉक्टर की देखरेख में लोनाफार्निब (Lonafarnib) भी ली जा सकती है।
  • जोड़ों के दर्द को कम करने के लिए फिजियोथेरेपी करवा सकते हैं।
  • बच्चों में पानी की कमी न होने दें।
  • समय-समय पर कार्डियोलॉजिस्ट और डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेते रहना चाहिए।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।