
brain stroke (gemini AI)
Brain Stroke Prevention: भारत की बदलती हुई जीवनशैली और पश्चिमी संस्कृति को अपनाने के चक्कर में लोग इतने व्यस्त हो गए हैं कि अपने शरीर पर ध्यान ही नहीं दे पाते। ऐसे में बीमारियां इतनी तेजी से बढ़ रही हैं कि लोगों के लिए उन्हें समझना बहुत मुश्किल हो रहा है। ऐसी ही एक बीमारी है ब्रेन स्ट्रोक। यह एक मेडिकल टर्म है। इस खतरनाक बीमारी में हमारे दिमाग के किसी एक हिस्से में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे एक मिनट में ही लाखों न्यूरॉन्स एक साथ खत्म हो जाते हैं। अभी तक इसे पहचानने के लिए FAST फॉर्मूला का प्रयोग किया जाता था।
लेकिन आधुनिक विज्ञान के इस युग में, स्ट्रोक को और जल्दी पहचानने और लोगों का जीवन बचाने के लिए BEFAST फॉर्मूला का आविष्कार किया गया है। आइये जानते हैं कि ब्रेन स्ट्रोक को पहचानने का यह नया फॉर्मूला क्या है और इससे बचने के लिए हमें कौन से उपाय अपनाने चाहिए।
ब्रेन स्ट्रोक जैसी जानलेवा और गंभीर बीमारी के लक्षणों को जितनी जल्दी पहचान लिया जाए, मरीज के जीवन बचने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। आइये जानते हैं इस फॉर्मूले के बारे में:
B से Balance (संतुलन)- बैलेंस यानी संतुलन का बिगड़ना ब्रेन स्ट्रोक आने का शुरूआती संकेत माना जाता है। जब व्यक्ति सीधा खड़ा न हो पाए या उसके पैर लड़खड़ाने लगें, तो यह ब्रेन स्ट्रोक का प्रारंभिक संकेत हो सकता है।
E से Eyes (आंखें)- आंखें भी ब्रेन स्ट्रोक का लक्षण दिखाती हैं। जब आपको आंखों से साफ देखने में दिक्कत महसूस हो, धुंधला दिखाई दे या आंखों के आगे अंधेरा छा जाए, तो यह भी ब्रेन स्ट्रोक का संकेत हो सकता है।
F से Face (चेहरा)- हमारा चेहरा आईना होता है। कोई भी बीमारी हो, हमारा चेहरा उसे दिखा ही देता है। ब्रेन स्ट्रोक की पहचान चेहरे से इस प्रकार होती है कि जब व्यक्ति मुस्कुराता है, तो उसका चेहरा एक तरफ से लटक जाता है। इससे स्पष्ट होता है कि व्यक्ति को ब्रेन स्ट्रोक हुआ है।
A से Arms (बांहें)- अगर कोई व्यक्ति अपने दोनों हाथ ऊपर नहीं उठा पा रहा है और उसे बांहों में कमजोरी महसूस हो रही है, तो यह साफ लक्षण है कि उसे ब्रेन स्ट्रोक आया है।
S से Speech (बोली)- जब कोई व्यक्ति साधारण और आम बोलचाल के शब्द बोलने में भी लड़खड़ा रहा हो, तो इसका मतलब साफ है कि उसे ब्रेन स्ट्रोक हुआ है।
T से Time (समय)- समय आपको हर बीमारी से बचा सकता है। यदि ऊपर दिए गए लक्षणों में से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो बिना समय बर्बाद किए तुरंत व्यक्ति को हॉस्पिटल पहुंचाएं। ब्रेन स्ट्रोक के मरीज के लिए शुरूआती 3 से 4 घंटे 'गोल्डन ऑवर' का काम करते हैं। समय पर इलाज मिलने से जान बचाई जा सकती है।
Published on:
03 Jan 2026 10:17 am
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
