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पुरुषों को भी हो सकता है Breast Cancer? अभी जानें कैंसर की गांठ को पहचानने की सही तकनीक!

Breast Cancer: ब्रेस्ट कैंसर आज केवल महिलाओं में ही नहीं, बल्कि पुरुषों में भी एक बड़े स्तर पर हो रहा है। कैंसर कोई भी हो, उसका बचाव ही उसका सबसे बड़ा इलाज होता है। लेकिन ब्रेस्ट कैंसर से बचने का सबसे बड़ा रास्ता जागरूकता है। आइए जानते हैं कि ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए कौन सी तकनीक अपनानी चाहिए? कोई गांठ कैंसर है या सामान्य गांठ, इसकी पहचान कैसे करें और ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए क्या करना चाहिए।

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भारत

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Nidhi Yadav

Jan 05, 2026

Breast Cancer

Breast Cancer (image-gemini AI)

Breast Cancer: ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाला एक आम कैंसर है, लेकिन अब इसकी संख्या पुरुषों में भी बढ़ने लगी है। डॉ. वैशाली जामरे (एंड्रोमेडा कैंसर हॉस्पिटल) के अनुसार, अमेरिका में हर 100 में से एक पुरुष को ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है। अब बात करते हैं कि इसका पता कैसे करें कि हमें ब्रेस्ट कैंसर है या नहीं। लक्षण और कारण तो फिर भी समझने की बात है, लेकिन हमारे शरीर में होने वाली हर गांठ कैंसर की नहीं हो सकती। इसलिए आपको यह पता होना चाहिए कि कैंसर की गांठ शरीर में होने वाली अन्य गांठों से कैसे अलग होती है।

हाल ही में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में हुए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि ब्रेस्ट कैंसर की गांठ की जांच करने का पुराना तरीका अब ज्यादा प्रभावी नहीं है। ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए अब एक नया तरीका बताया गया है। आइए जानते हैं कि कैंसर के कारण हुई गांठ कैसे अलग होती है और इसकी जांच हम कैसे करें? ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के उपाय कौन से हैं?

क्या हर गांठ कैंसर की होती है?(Breast Cancer)

आपको सबसे पहले तो यह बात समझनी होगी कि ब्रेस्ट में होने वाली हर गांठ कैंसर के कारण नहीं होती है। बिनाइन (Benign) नाम की ब्रेस्ट में होने वाली गांठें कैंसर रहित होती हैं, ये शरीर के अन्य हिस्सों में भी नहीं फैलती हैं। वहीं मैलिग्नेंट (Malignant) नाम की गांठें कैंसर के कारण होती हैं।

कैंसर वाली गांठों की पहचान कैसे करें?(Breast Cancer Identification)

अगर आपके ब्रेस्ट के आसपास वाली जगह या ब्रेस्ट में कोई गांठ महसूस हो, तो बिना उसकी जांच किए यह तय नहीं करना चाहिए कि यह तो सामान्य गांठ है। अब अगर आपको कोई गांठ हुई है, तो इस तकनीक के आधार पर खुद जांच करें कि यह खतरनाक है या नहीं।

1.नई गांठ का बनना- अगर आपने पहली बार कोई गांठ महसूस की है, तो उसको नजरअंदाज न करें। अगर गांठ मुलायम है, तो उसके कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है, क्योंकि कैंसर के कारण होने वाली गांठ हमेशा पत्थर जैसी कठोर होती है और दर्दनाक हो सकती है।

2. गांठ को छूकर देखें- आपको यह बात पता होनी चाहिए कि कैंसर के कारण होने वाली गांठ अपनी जगह से बिल्कुल भी नहीं हिलती है, जबकि अन्य गांठें हमारे ब्रेस्ट टिश्यू के साथ ही हिलती-डुलती रहती हैं। कैंसर वाली गांठों के किनारे उबड़-खाबड़ हो सकते हैं, लेकिन वे अपनी जगह पर स्थिर रहती हैं।

3. त्वचा में बदलाव- अगर शरीर में गांठ हुई है, तो केवल गांठ पर ही अपना ध्यान न रखें, गांठ के आसपास की त्वचा पर भी ध्यान दें। गांठ के आसपास की त्वचा अगर मुरझाई हुई दिख रही है या फिर उसका रंग संतरे के छिलके जैसा दिख रहा है, तो आपको कैंसर का खतरा हो सकता है।

4. ब्रेस्ट निप्पल- ब्रेस्ट कैंसर सबसे पहले हमारे ब्रेस्ट निप्पल को प्रभावित करता है। इसलिए नियमित रूप से जांच करते रहें कि निप्पल पपड़ीदार तो नहीं हो रहा है या अंदर की ओर धंस तो नहीं रहा है। यह आपको आने वाले खतरे के लिए चेतावनी हो सकती है।

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण क्या होते हैं?(Breast Cancer Symptoms)

  • ब्रेस्ट के आसपास सूजन आना।
  • ब्रेस्ट निप्पल में दर्द होना।
  • बगल (एक्सिला) तक सूजन का बढ़ना।
  • दर्दयुक्त गांठ का बनना।

ब्रेस्ट कैंसर से बचने के उपाय(Breast Cancer Prevention)

  • डाइट और जीवनशैली को स्वस्थ रखें।
  • खुद की 'सेल्फ-जांच' नियमित रूप से करते रहें।
  • प्रतिदिन व्यायाम करें।
  • शराब और नशीले पदार्थों से दूरी बनाएं।

डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालिफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से न आजमाएं, बल्कि इस बारे में विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


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