14 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Cancer Cause Sperm : क्या डोनेटेड स्पर्म से पैदा हुए बच्चे सुरक्षित हैं? 197 बच्चों के जीवन पर मंडराया कैंसर का संकट

Cancer Cause: नीदरलैंड्स और यूरोप के कई देशों में एक ही स्पर्म डोनर से जन्मे 197 बच्चों में एक ऐसा जेनेटिक म्यूटेशन पाया गया, जिसे शुरुआती जांच में पकड़ा नहीं जा गया था और अब यही म्यूटेशन बच्चों में कैंसर का कारण बन रहा है। आइए, डॉक्टर संदीप जोशी के साथ 'पत्रिका' की इस विशेष बातचीत में जानते हैं कि जेनेटिक म्यूटेशन क्या होता है और स्पर्म डोनेशन से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Nidhi Yadav

Apr 14, 2026

cancer cause

cancer cause (Image- geminiAI)

Cancer Cause: आज विज्ञान ने हर क्षेत्र में प्रगति की है, चाहे वह स्वास्थ्य का क्षेत्र हो या फिर निसंतानता (Infertility) की समस्या। वैज्ञानिक युग में ऐसी कई खोजें हुई हैं, जिन्हें सोच पाना ही असंभव सा लगता है, इन्हीं में से एक है स्पर्म डोनेशन। नीदरलैंड्स और यूरोप के कई देशों में फैले एक मामले ने हड़कंप मचा दिया है।

Cancer Cause Sperm : यहां एक ही स्पर्म डोनर से जन्मे 197 बच्चों में एक ऐसा जेनेटिक म्यूटेशन पाया गया, जिसे शुरुआती जांच में पकड़ा नहीं जा गया था और अब यही म्यूटेशन बच्चों में कैंसर का कारण बन रहा है। डॉक्टर संदीप जोशी के साथ 'पत्रिका' की इस विशेष बातचीत में जानते हैं कि जेनेटिक म्यूटेशन क्या होता है और स्पर्म डोनेशन से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

क्या है पूरी घटना?

एक स्पर्म डोनर ने कई वर्षों तक अपना स्पर्म डोनेट किया, उसमें एक दुर्लभ जेनेटिक म्यूटेशन (आनुवंशिक बदलाव) मौजूद था। यह म्यूटेशन सीधे तौर पर कैंसर के जोखिम को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है। डोनेशन से पहले डोनर की विस्तृत जेनेटिक मैपिंग नहीं की गई थी, इसलिए यह साइलेंट म्यूटेशन पकड़ा नहीं जा सका और अनजाने में ही 197 बच्चों के डीएनए (DNA) का हिस्सा बन गया। अब इनमें से कई बच्चों में कैंसर के लक्षण विकसित होने लगे हैं।

क्या डोनेटेड स्पर्म से पैदा हुए बच्चे सुरक्षित हैं?

यह एक सवाल आज लाखों लोगों के मन में है। वैज्ञानिक रूप से, डोनेटेड स्पर्म से पैदा हुए बच्चे सामान्य और स्वस्थ होते हैं। सुरक्षा इस बात पर निर्भर करती है कि डोनर की स्क्रीनिंग कितनी गहराई से की गई है। यदि स्पर्म बैंक केवल बुनियादी बीमारियों (जैसे HIV या हेपेटाइटिस) की जांच करता है और जटिल आनुवंशिक विकारों को छोड़ देता है, तो जोखिम बढ़ जाता है। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए थर्ड-पार्टी जेनेटिक टेस्टिंग अब अनिवार्य मानी जाने लगी है।

क्या होता है जेनेटिक म्यूटेशन (Genetic Mutation)?

जेनेटिक म्यूटेशन हमारे शरीर के डीएनए (DNA) में होने वाला एक बदलाव है। हमारा डीएनए कोशिकाओं को निर्देश देता है कि उन्हें कैसे काम करना है। जब इस कोडिंग में कोई गलती या बदलाव (Mutation) आता है, तो कोशिकाएं गलत निर्देश मानने लगती हैं। यह ठीक वैसा ही है जैसे किसी किताब की छपाई में कोई शब्द गलत छप जाए, जिससे पूरे वाक्य का अर्थ बदल जाए।

जेनेटिक म्यूटेशन के क्या कारण होते है?

  • कोशिका विभाजन में गलती होना।
  • आनुवंशिकता।
  • हानिकारक रेडिएशन, प्रदूषण के संपर्क में आना।

स्पर्म डोनेशन से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

  • जेनेटिक प्रोफाइलिंग (Full Genetic Screening) पूर्ण हो।
  • मेडिकल हिस्ट्री की गहराई से जांच हुई है या नहीं।
  • एक डोनर से बच्चों की संख्या सीमित होनी चाहिए।
  • स्पर्म बैंक की मान्यता और ट्रैक रिकॉर्ड जरूर देखें।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।