
Chagas Disease In Hindi (प्रतीकात्मक तस्वीर) | Credit- WHO
Chagas Disease Treatment : विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चागास रोग को लेकर फिर से जानकारी शेयर की है। साथ ही बताया है कि कैसे दुनिया के लगभग 80 लाख लोग चागास रोग के साथ जी रहे हैं, जिनमें से अधिकांश मामले लैटिन अमेरिका में पाए जाते हैं। साथ ही इसके लिए दवाई के बारे में भी जानकारी शेयर की है।
WHO ने सोशल मीडिया के जरिए बताया है कि यदि समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो लगभग एक-तिहाई (1/3) मरीजों में हृदय, पाचन या तंत्रिका संबंधी (neurological) गंभीर जटिलताएं विकसित हो सकती हैं। संक्रमण के कई सालों या दशकों बाद यह अचानक हार्ट फेलियर (Heart failure) का कारण बन सकता है।
अपनी पोस्ट में डब्ल्यूएचओ ने बताया है कि चागास रोग के इलाज के लिए मुख्य रूप से दो दवाएं उपयोग की जाती हैं। बेंजनिडाजोल (Benznidazole) और निफर्टिमोक्स (Nifurtimox)। ये दोनों दवाएं ट्रिपैनोसोमा क्रूजी (T. cruzi) परजीवी को खत्म करने में प्रभावी हैं। अगर संक्रमण के शुरुआती चरणों में है तो इन दवाओं का यूज किया जा सकता है।
इसे "खामोश बीमारी" (Silent Disease) कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण बहुत धीरे-धीरे विकसित होते हैं। शुरुआती लक्षण मामूली होते हैं। शुरू में सिर्फ बुखार, सूजन या सिरदर्द होता है जो आम फ्लू जैसा लगता है।
यह एक परजीवी के कारण होती है जिसका नाम ट्रिपैनोसोमा क्रूजी (Trypanosoma cruzi) है। यह मुख्य रूप से 'किसिंग बग' (Kissing Bug) नाम के एक कीड़े के जरिए फैलती है।
यह कीड़ा चेहरे पर काटता है और वहीं मल त्याग करता है। जब व्यक्ति अनजाने में उस जगह को रगड़ता है, तो परजीवी घाव या आंखों के जरिए शरीर में प्रवेश कर जाता है। इस तरह से ये संक्रमण फैलाने का काम करता है।
यह बीमारी मुख्य रूप से मेक्सिको, मध्य अमेरिका और दक्षिण अमेरिका में पाई जाती है। भारत में इसका खतरा न के बराबर है, लेकिन जो लोग उन देशों की यात्रा करके लौटते हैं, उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
आजकल इस पर चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि विदेश यात्राओं के कारण यह धीरे-धीरे अन्य देशों में भी पहुंच रही है।
Published on:
19 Apr 2026 05:00 pm
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
