1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Denture Stuck in Throat: गले में फंसा नकली दांत, सांस तक रुक गई! डॉक्टरों ने ऐसे बचाई जान

Denture Stuck in Throat: डेंचर निगलने से मरीज की हालत बिगड़ी, लेकिन डॉक्टरों ने लेजर तकनीक से बिना सर्जरी जान बचाई। जानें पूरा मामला और सावधानियां।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Dimple Yadav

•

Updated: 4 Apr 2026, 11:31 AM IST

Denture Stuck in Throat

Denture Stuck in Throat (Photo- gemini ai)

Denture Stuck in Throat: दिल्ली के Sir Ganga Ram Hospital में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां एक शख्स ने गलती से अपना नकली दांत (डेंचर) निगल लिया। ये डेंचर उसके खाने की नली (फूड पाइप) में जाकर फंस गया, जिससे उसकी हालत अचानक बिगड़ गई।

क्या हुआ था मरीज के साथ?

मरीज को तेज सांस लेने में दिक्कत, गले में दर्द और निगलने में परेशानी होने लगी। साथ ही सीने में भी काफी दर्द महसूस हो रहा था। डॉक्टरों के मुताबिक, डेंचर खाने की नली के उस हिस्से में फंसा था जहां फूड पाइप और सांस की नली (विंड पाइप) पास-पास होती हैं। ये जगह बहुत संवेदनशील होती है, इसलिए खतरा और ज्यादा बढ़ गया।

क्यों था मामला इतना खतरनाक?

डेंचर में धातु (मेटल) के नुकीले हिस्से होते हैं, जो खाने की नली को अंदर से काट सकते हैं। अगर समय पर इलाज न होता, तो इससे अंदरूनी चोट, ब्लीडिंग या इन्फेक्शन भी हो सकता था, जो जानलेवा साबित हो सकता था।

डॉक्टरों के सामने क्या चुनौती थी?

डॉक्टरों ने पहले सामान्य तरीके (फोर्सेप्स आदि) से डेंचर निकालने की कोशिश की, लेकिन इसमें नली के फटने का खतरा था।
इसलिए टीम ने एक एडवांस तरीका अपनाने का फैसला लिया।

कैसे बचाई गई मरीज की जान? (एडवांस ट्रीटमेंट)

डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी (कैमरे वाली पतली ट्यूब) की मदद से अंदर जाकर लेजर तकनीक का इस्तेमाल किया। लेजर से डेंचर को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ा गया। फिर एक खास ट्यूब (ओवरट्यूब) डाली गई ताकि नुकीले टुकड़े नली को नुकसान न पहुंचाएं। इसके बाद सभी टुकड़ों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया। इस पूरी प्रक्रिया में मरीज का बड़ा ऑपरेशन (ओपन सर्जरी) करने की जरूरत नहीं पड़ी।

मरीज की हालत अब कैसी है?

अच्छी बात ये है कि इलाज के बाद मरीज पूरी तरह ठीक हो गया और उसे किसी बड़ी सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ी। यह घटना एक जरूरी सीख देती है कि हमें डेंचर या किसी भी ढीले दांत के साथ बहुत सावधानी रखनी चाहिए। सोते समय या ढीले डेंचर के साथ खाना न खाएं। अगर डेंचर ढीला है, तो तुरंत डेंटिस्ट से ठीक करवाएं। कुछ भी निगलने में दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

बड़ी खबरें

View All

स्वास्थ्य

लाइफस्टाइल