
Hernia symptoms in Hindi (photo- gemini ai)
Hernia symptoms in Hindi: अक्सर जिम में भारी वजन उठाते समय, लंबे समय तक कब्ज रहने पर या जोर से खांसने के दौरान हमें पेट या जांघ (Groin) के पास एक हल्का उभार या गांठ महसूस होती है। ज्यादातर लोग इसे मांसपेशियों का खिंचाव या मामूली सूजन मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन मेडिकल साइंस के अनुसार, यह हर्निया (Hernia) की शुरुआती दस्तक हो सकती है। हर्निया कोई ऐसी बीमारी नहीं है जो खुद-ब-खुद ठीक हो जाए, बल्कि समय के साथ यह अधिक जटिल और दर्दनाक हो सकती है।
Mayo Clinic और Johns Hopkins Medicine की रिपोर्ट्स के अनुसार, हर्निया तब होता है जब शरीर का कोई आंतरिक अंग (आमतौर पर आंत का हिस्सा) मांसपेशियों या ऊतकों की एक कमजोर दीवार को फाड़कर बाहर निकलने लगता है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे किसी पुराने टायर के कमजोर हिस्से से ट्यूब बाहर निकलने लगती है। रिसर्च बताती है कि पुरुषों में 'इनगुइनल हर्निया' (जांघ के पास होने वाला हर्निया) सबसे आम है, जबकि महिलाओं में गर्भावस्था के बाद नाभि के पास हर्निया (अम्बिलिकल हर्निया) की संभावना अधिक रहती है।
हर्निया के इलाज और गंभीरता पर वरिष्ठ लेप्रोस्कोपिक एवं जनरल सर्जन डॉ. नवीन शर्मा ने बताया कि "हर्निया को लोग अक्सर 'सिर्फ एक गांठ' समझकर टाल देते हैं, लेकिन यह एक मैकेनिकल समस्या है जिसे योग या दवाई से ठीक नहीं किया जा सकता। सबसे बड़ा खतरा तब होता है जब आंत का हिस्सा उस मांसपेशियों की दरार में फंस जाता है (Incarcerated Hernia)। ऐसी स्थिति में आंत के उस हिस्से में रक्त संचार रुक सकता है, जिसे 'स्ट्रैंगुलेशन' कहते हैं। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है और कुछ ही घंटों में जानलेवा हो सकती है। इसलिए, उभार दिखने पर तुरंत सर्जरी की सलाह लेना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।"
हर्निया से बचने के लिए अपनी मांसपेशियों को मजबूत रखना और 'इंट्रा-एब्डोमिनल प्रेशर' (पेट के अंदरूनी दबाव) को कम करना जरूरी है:
हर्निया एक ऐसी स्थिति है जिसे शुरुआती चरण में 'लैप्रोस्कोपिक सर्जरी' (की-होल सर्जरी) के जरिए बहुत आसानी से ठीक किया जा सकता है। यदि आपको अपने पेट या जांघ के पास कोई भी असामान्य उभार दिखे, तो शर्म छोड़कर तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें।
यदि आप नीचे दिए गए अधिकांश पॉइंट्स पर हां में उत्तर मिलते हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए:
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
21 Apr 2026 12:06 pm
Published on:
21 Apr 2026 11:57 am
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