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टीबी ठीक होने के बाद भी खतरा खत्म नहीं! आंखों पर हो सकता है असर, जानिए क्या है Eye TB

TB Effect on Eyes: क्या टीबी का इलाज होने के बाद भी आंखों में सूजन रह सकती है? जानिए Eye TB के लक्षण, खतरे और बचाव के आसान तरीके।

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भारत

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Dimple Yadav

Apr 07, 2026

TB Effect on Eyes

TB Effect on Eyes (Photo- gemini ai)

TB Effect on Eyes:टीबी यानी Tuberculosis को लोग आमतौर पर फेफड़ों की बीमारी मानते हैं, लेकिन ये शरीर के दूसरे हिस्सों को भी प्रभावित कर सकती है, यहां तक कि आंखों को भी। हाल ही में आई एक स्टडी ने बताया है कि आंखों की टीबी (Ocular TB) का असर इलाज के बाद भी पूरी तरह खत्म नहीं होता, और लंबे समय तक सूजन बनी रह सकती है।

आंखों की टीबी क्या होती है?

ये निष्कर्ष एलवी प्रसाद आई इंस्टीट्यूट, कोल आई इंस्टीट्यूट (क्लीवलैंड) और एबीओ आई इंस्टीट्यूट (नागपुर) की टीमों द्वारा किए गए शोध से सामने आए हैं। अध्ययन में पता चला कि टीबी का बैक्टीरिया या उससे जुड़ा इम्यून रिएक्शन आंखों को प्रभावित करता है, तो उसे Ocular TB कहते हैं। कई बार आंख में सीधे बैक्टीरिया नहीं होते, बल्कि शरीर की इम्यून प्रतिक्रिया ही सूजन पैदा करती है। इसका एक आम रूप है uveitis, जिसमें आंख के अंदर की लेयर में सूजन हो जाती है। अगर समय पर इलाज न हो, तो नजर कमजोर हो सकती है या स्थायी नुकसान भी हो सकता है।

स्टडी में क्या सामने आया?

नई रिसर्च के मुताबिक, टीबी का इलाज पूरा होने के बाद भी कुछ मरीजों में आंखों की सूजन बनी रह सकती है। यानी बीमारी तो खत्म हो जाती है, लेकिन शरीर का इम्यून सिस्टम एक्टिव रहता है और धीरे-धीरे आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है। कई मामलों में ये समस्या महीनों या सालों बाद भी दोबारा सामने आ सकती है।

किन लक्षणों पर ध्यान दें?

आंखों की टीबी के लक्षण हल्के होते हैं, इसलिए लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। आंखों में लालपन या जलन, धुंधला दिखना, आंखों में दर्द या रोशनी से परेशानी, आंखों के सामने छोटे-छोटे धब्बे (floaters), ज्यादा पानी आना को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर आपने पहले टीबी का इलाज करवाया है और ये लक्षण दिखें, तो तुरंत आंखों के डॉक्टर को दिखाएं।

ये क्यों खतरनाक है?

भारत में टीबी के मामले काफी ज्यादा हैं, इसलिए आंखों की टीबी के बारे में जागरूक रहना जरूरी है। सबसे बड़ी बात ये है कि इलाज हो गया का मतलब हमेशा पूरी तरह ठीक होना नहीं होता। अगर सूजन लगातार बनी रहती है, तो ये धीरे-धीरे नजर को नुकसान पहुंचा सकती है।

इलाज और देखभाल कैसे होती है?

आंखों की टीबी का इलाज कई तरीकों से किया जाता है। एंटी-टीबी दवाइयां (ATT) से साथ ही सूजन कम करने के लिए स्टेरॉयड या दूसरी दवाएं और नियमित आंखों की जांच से किया जाता है। डॉक्टर कहते हैं कि इलाज खत्म होने के बाद भी फॉलो-अप बहुत जरूरी है। समय-समय पर जांच कराने से बड़ी समस्या होने से बचा जा सकता है।

आखिर में जरूरी बात

आंखों की टीबी अगर समय पर पकड़ ली जाए, तो इसे कंट्रोल किया जा सकता है। लेकिन अगर इसे नजरअंदाज किया गया, तो मोतियाबिंद, ग्लूकोमा या रेटिना डैमेज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए अगर आपको कभी टीबी हुई है, तो अपनी आंखों की सेहत को हल्के में न लें। थोड़ी सी सावधानी आपकी नजर बचा सकती है।