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Fruits in Fasting: व्रत में फल खाने का सही समय क्या है, हार्वर्ड न्यूट्रिशन सोर्स से जानिए पेट को हल्का रखने और एनर्जी बनाए रखने का तरीका

Fruits in Fasting: व्रत के दौरान सही समय पर फल खाने से कमजोरी नहीं आती और पेट भी ठीक रहता है। NCBI हेल्थ रिसर्च और हार्वर्ड न्यूट्रिशन सोर्स की रिपोर्ट कहती है कि हम जो कुछ भी खाते-पीते हैं, उसकी टाइमिंग हमारे मेटाबॉलिज्म पर सीधा असर डालती है। आइए जानते हैं व्रत में फल खाने के सही नियम और जरूरी बातें।
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भारत

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Nidhi Yadav

•

Oct 14, 2026

व्रत के दौरान थाली में रखे ताजे फल और एक महिला फल खाती हुई

व्रत के दिनों में सही समय पर और सही तरीके से फल खाने से शरीर को पूरे दिन ऊर्जा मिलती है और पाचन भी दुरुस्त रहता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Gemini)

Fruits in Fasting: जब भी हम व्रत या उपवास रखते हैं, तो हमारे शरीर को अंदर से डिटॉक्स होने और पाचन को थोड़ा आराम देने का मौका मिल जाता है। इस दौरान शरीर में ताकत बनाए रखने के लिए सबसे पहला नाम फलों का ही आता है। लेकिन कई बार लोग बिना यह सोचे कि क्या सही समय है, कभी भी फल खा लेते हैं। इससे पेट में गैस, एसिडिटी या भारीपन होने लगता है। हार्वर्ड हेल्थ और NCBI हेल्थ रिसर्च के अनुसार, खाने की सही टाइमिंग से हमारी सेहत पर बहुत फर्क पड़ता है। आइए समझते हैं कि व्रत के दौरान फलों का पूरा फायदा उठाने के लिए उन्हें किस समय खाना चाहिए।

व्रत में फल खाने का सही समय क्या है और मेटाबॉलिज्म पर इसका क्या असर पड़ता है

एनसीबीआइ के शोध के मुताबिक, दिन के शुरुआती हिस्से यानी सुबह या दोपहर होने से पहले फल खाना सबसे बेहतरीन रहता है। इस दौरान हमारा पाचन तंत्र तेजी से काम करता है और शरीर फलों में मौजूद नेचुरल शुगर को बिना किसी परेशानी के ऊर्जा में बदल देता है। अगर आप कुछ तला-भुना फलाहार खाने के तुरंत बाद फल खा लेंगे, तो पेट पर दबाव बढ़ सकता है और खाना पचने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए सुबह के वक्त या दोपहर के खाने के समय ताजे फलों को चुनना सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है।

दो फलाहार के बीच स्नैक्स के रूप में फल क्यों हैं जरूरी

हार्वर्ड न्यूट्रिशन सोर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दो मुख्य आहारों के बीच में थोड़ा गैप होने पर फल खाना एक परफेक्ट 'न्यूट्रिएंट-डेंस' स्नैक है। व्रत में जब कई घंटों तक कुछ नहीं खाते, तो शरीर में शुगर का लेवल कम होने लगता है और कमजोरी महसूस होने लगती है। ऐसे में फल खाने से तुरंत ताकत मिलती है। बीच में फल खाने से पेट भरा रहता है और बार-बार कुछ और खाने की इच्छा नहीं होती। सेब, पपीता, या खरबूजे जैसे फलों में पानी की मात्रा अच्छी होती है, जिससे शरीर हाइड्रेटेड रहता है। फलों का फाइबर शरीर में धीरे-धीरे पचता है, जिससे पूरे दिन शरीर में सुस्ती नहीं आती और ताजगी बनी रहती है।

फलों के साथ क्या खाएं और किन बातों का रखें ध्यान

सिर्फ मीठे फल खाने से कई बार जल्दी भूख लग सकती है। इसलिए अगर आप फलों के साथ थोड़ा सा प्रोटीन या हेल्दी फैट मिला लें, तो सोने पर सुहागा हो जाएगा। कटे हुए फलों के साथ थोड़ी सी भुनी हुई मूंगफली, मखाने या थोड़ा सा दही जरूर शामिल करें। व्रत में लंबे समय तक भूखे रहने के तुरंत बाद बहुत ज्यादा खट्टे फल खाने से पेट में जलन या एसिडिटी हो सकती है। डिब्बाबंद जूस या घंटों पहले काटकर रखे गए फलों के बजाय हमेशा ताजे फलों को ही प्राथमिकता दें।

व्रत में फल खाते समय अक्सर लोग क्या गलतियां करते हैं?

  • सूरज ढलने के बाद या सोने से ठीक पहले फल खाने से बचना चाहिए।
  • दूध के साथ खट्टे फलों (जैसे संतरा या अंगूर) का मेल पेट के लिए भारी पड़ सकता है।
  • हेल्दी समझकर बहुत ज्यादा मात्रा में फल खा लेना भी ठीक नहीं है, इससे शरीर में जरूरत से ज्यादा शुगर जा सकती है।

सही तरीके से व्रत रखकर रखें खुद को सेहतमंद

व्रत के दिनों में फल खाना हमारे शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने का सबसे बढ़िया तरीका है। अगर आप सही समय पर, सही मात्रा में और सही कॉम्बिनेशन के साथ फल खाते हैं, तो आपको व्रत के दौरान कमजोरी या थकान महसूस नहीं होगी। छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपने उपवास को पूरी तरह सेहतमंद और आसान बना सकते हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।