
व्रत के दिनों में सही समय पर और सही तरीके से फल खाने से शरीर को पूरे दिन ऊर्जा मिलती है और पाचन भी दुरुस्त रहता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Gemini)
Fruits in Fasting: जब भी हम व्रत या उपवास रखते हैं, तो हमारे शरीर को अंदर से डिटॉक्स होने और पाचन को थोड़ा आराम देने का मौका मिल जाता है। इस दौरान शरीर में ताकत बनाए रखने के लिए सबसे पहला नाम फलों का ही आता है। लेकिन कई बार लोग बिना यह सोचे कि क्या सही समय है, कभी भी फल खा लेते हैं। इससे पेट में गैस, एसिडिटी या भारीपन होने लगता है। हार्वर्ड हेल्थ और NCBI हेल्थ रिसर्च के अनुसार, खाने की सही टाइमिंग से हमारी सेहत पर बहुत फर्क पड़ता है। आइए समझते हैं कि व्रत के दौरान फलों का पूरा फायदा उठाने के लिए उन्हें किस समय खाना चाहिए।
एनसीबीआइ के शोध के मुताबिक, दिन के शुरुआती हिस्से यानी सुबह या दोपहर होने से पहले फल खाना सबसे बेहतरीन रहता है। इस दौरान हमारा पाचन तंत्र तेजी से काम करता है और शरीर फलों में मौजूद नेचुरल शुगर को बिना किसी परेशानी के ऊर्जा में बदल देता है। अगर आप कुछ तला-भुना फलाहार खाने के तुरंत बाद फल खा लेंगे, तो पेट पर दबाव बढ़ सकता है और खाना पचने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए सुबह के वक्त या दोपहर के खाने के समय ताजे फलों को चुनना सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है।
हार्वर्ड न्यूट्रिशन सोर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दो मुख्य आहारों के बीच में थोड़ा गैप होने पर फल खाना एक परफेक्ट 'न्यूट्रिएंट-डेंस' स्नैक है। व्रत में जब कई घंटों तक कुछ नहीं खाते, तो शरीर में शुगर का लेवल कम होने लगता है और कमजोरी महसूस होने लगती है। ऐसे में फल खाने से तुरंत ताकत मिलती है। बीच में फल खाने से पेट भरा रहता है और बार-बार कुछ और खाने की इच्छा नहीं होती। सेब, पपीता, या खरबूजे जैसे फलों में पानी की मात्रा अच्छी होती है, जिससे शरीर हाइड्रेटेड रहता है। फलों का फाइबर शरीर में धीरे-धीरे पचता है, जिससे पूरे दिन शरीर में सुस्ती नहीं आती और ताजगी बनी रहती है।
सिर्फ मीठे फल खाने से कई बार जल्दी भूख लग सकती है। इसलिए अगर आप फलों के साथ थोड़ा सा प्रोटीन या हेल्दी फैट मिला लें, तो सोने पर सुहागा हो जाएगा। कटे हुए फलों के साथ थोड़ी सी भुनी हुई मूंगफली, मखाने या थोड़ा सा दही जरूर शामिल करें। व्रत में लंबे समय तक भूखे रहने के तुरंत बाद बहुत ज्यादा खट्टे फल खाने से पेट में जलन या एसिडिटी हो सकती है। डिब्बाबंद जूस या घंटों पहले काटकर रखे गए फलों के बजाय हमेशा ताजे फलों को ही प्राथमिकता दें।
व्रत के दिनों में फल खाना हमारे शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने का सबसे बढ़िया तरीका है। अगर आप सही समय पर, सही मात्रा में और सही कॉम्बिनेशन के साथ फल खाते हैं, तो आपको व्रत के दौरान कमजोरी या थकान महसूस नहीं होगी। छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपने उपवास को पूरी तरह सेहतमंद और आसान बना सकते हैं।
Updated on:
14 Oct 2026 07:42 am
Published on:
14 Oct 2026 07:42 am
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