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आप भारत में रहते हैं तो गर्मी में दही बिलकुल न खाएं! अभी जानें क्यों हेल्थ कोच ने कही ये बात

Curd In Summer: हम लोग समझते हैं कि दही ठंडा होता है, लेकिन आयुर्वेद और साइंस कहते हैं कि यह शरीर के अंदर जाकर गर्मी बढ़ा सकता है। इसलिए दही से बेहतर विकल्प छाछ (मट्ठा) है।

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भारत

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Nidhi Yadav

May 05, 2026

Curd In Summer

Curd In Summer (Image- gemini)

Curd In Summer: गर्मी आते ही हम सब दही खाना शुरू कर देते हैं क्योंकि यह जीभ पर ठंडा लगता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दही की तासीर असल में गर्म होती है? आयुर्वेद के ग्रंथ चरक संहिता के अनुसार, दही शरीर के अंदर जाकर भारीपन और गर्मी पैदा कर सकता है। आज के विज्ञान की नजर से देखें तो दही का एसिडिक नेचर हमारे मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे शरीर के अंदर की गर्मी बढ़ती है। आइए हेल्थ और वेलनेस कोच ईशा लल्ल से समझते है क्यों गर्मियों में दही नहीं खाना चाहिए?

दही शरीर पर क्या असर डालता है?

आयुर्वेद में दही को लेकर कुछ खास बातें बताई गई हैं कि उष्ण शरीर के अंदर गर्मी पैदा करता है। गुरु पचाने में बहुत भारी होता है। अभिष्यंदी शरीर की नसों और रास्तों में रुकावट पैदा कर सकता है, जिससे कफ बढ़ता है। विदाही के ज्यादा सेवन से शरीर के अंदर जलन या सूजन हो सकती है।

क्या कहती है विज्ञान

आधुनिक शोध भी आयुर्वेद की इन बातों का समर्थन करते हैं जैसे मेटाबॉलिक हीट फर्मेंटेशन के दौरान लैक्टिक एसिड बनने से पीएच (pH) कम हो जाता है, जो पाचन रसों के स्राव को उत्तेजित करता है। इससे आंतरिक 'मेटाबॉलिक हीट' बढ़ सकती है। भारी प्रोटीन और फैट वाले दूध से बना दही अपने सैचुरेटेड फैट और कैसीन प्रोटीन के कारण पचाने में कठिन होता है, जिससे शरीर में सुस्ती और बलगम बन सकता है। कुछ स्थितियों में प्रोबायोटिक गतिविधि शरीर की सूजन को और अधिक बढ़ा सकती है।

दही से बेहतर क्यों है छाछ

दही के मुकाबले छाछ को अमृत माना गया है। जब हम दही को खूब सारे पानी के साथ मथते हैं, तो उसके भारी और गर्म गुण खत्म हो जाते हैं। छाछ न केवल हल्की होती है, बल्कि यह आपके पाचन को भी सुधारती है और गर्मी में शरीर को असली ठंडक देती है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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