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Good News: कोरोना वैक्सीन से हुआ रिएक्शन, तो भुगतान करेंगी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां

कोरोना वैक्सीन लगवाने के दौरान यदि किसी पॉलिसी धारक में वैक्सीन का साइड इफेक्ट देखने को मिलता है तो इलाज के लिए अस्पताल में होने वाला सारा खर्च इंश्योरेंस कंपनियों को उठाना पड़ेगा।

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Health insurance companies

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नई दिल्ली। इंश्योरेंस रेग्युलेटरी एंड डेवेलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी इरडा ने बीमा धारकों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा ऐलान किया है। इरडा ने बीमा धारकों को राहत देते हुए कहा है यदि कोरोना वैक्सीन लगवाने के दौरान या उसके बाद किसी पॉलिसी धारक को वैक्सीन का साइड इफेक्ट होता है तो पॉलिसी धारक के इलाज के लिए अस्पताल में होने वाला सारा खर्च इंश्योरेंस कंपनियों को उठाना पड़ेगा। इतना ही नहीं इरडा ने कहा है कि इंश्योरेंस कंपनियां दी गई पॉलिसी की शर्तों के मुताबिक मरीज द्वारा इलाज के नाम पर चुकाई गई रकम का भुगतान करेंगी।

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स्वास्थ्य कर्मियों ने कंपनियों से मांगा था स्पष्टीकरण

आपको बता दें, कुछ महीने पहले कई स्वास्थ्य कर्मियों ने हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों से स्पष्टीकरण मांगा था कि उनकी मौजूदा पॉलिसी में कोविड-19 वैक्सीन के रिएक्शन का इलाज कवर किया जाएगा या नहीं। इससे जाहिर है कि इरडा ने जो निर्देश दिया है उसके मुताबिक, कोविड-19 से बचाव के लिए लगने वाली वैक्सीन का यदि कोई रिएक्शन होता है तो उसके इलाज में आने वाला खर्च अब हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत भुगतान किया जाएगा।

गौरतलब है कि बीते 16 जनवरी से देश में कोरोना वायरस वैक्सीनेशन शुरू किया गया था। दुनिया के इस सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के पहले चरण में प्राथमिकता सूची में शामिल 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। 1 मार्च से इस अभियान के तहत आम जनता के 60 वर्ष या इससे ऊपर और निर्धारित बीमारियों वाले 45 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों को भी कोरोना का टीका दिया जा रहा है। देश के सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी स्वास्थ्य केंद्रों में भी वैक्सीन दी जा रही है।

हेल्थ इंश्योरेंस के नियम के मुताबिक कोरोना का मरीज यदि अपना इलाज अस्पताल में ना कराके घर पर करा रहा है तो उसे हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ नहीं मिलेगा। हेल्थ इंश्योरेंस के नियमानुसार इसका लाभ उठाने के लिए मरीज को कम से कम 24 घंटे अस्पताल में भर्ती होना जरूरी है।