द लैंसेट डिजिटल हेल्थ में प्रकाशित एक नए अध्ययन से पता चलता है कि कई मरीजों को पुनर्वर्गीकृत करने की आवश्यकता हो सकती है, जिसका दुनियाभर में दिल के दौरे के इलाज के तरीके पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। एनएसटीई-एसीएस में जोखिम मॉडलिंग पर अब तक के सबसे बड़े अध्ययन में, ज्यूरिख विश्वविद्यालय (यूजेडएच) के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय शोध दल ने 10 देशों के 6,00,000 से ज्यादा मरीजों के स्वास्थ्य डेटा का विश्लेषण किया।