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Endothelial Dysfunction है हार्ट अटैक का शुरूआती कारण, कार्डियोलॉजिस्ट ने बताई इससे जुड़ी बातें

Heart Disease Symptoms in Hindi: हार्ट अटैक अचानक नहीं आता। गोरखपुर के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रोहित गुप्ता से जानिए एंडोथेलियल डिसफंक्शन क्या है, इसके शुरुआती लक्षण और बचाव के तरीके।

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भारत

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Dimple Yadav

May 14, 2026

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दिल की नसों में होने वाली शुरुआती खराबी को दर्शाती मेडिकल इमेज (Photo- chatgtp)

Heart Disease Early Signs: अक्सर लोगों को लगता है कि हार्ट की बीमारी अचानक होती है, लेकिन सच्चाई यह है कि दिल से जुड़ी समस्याएं कई साल पहले धीरे-धीरे शुरू हो जाती हैं। हार्ट अटैक आने से पहले शरीर के अंदर एक ऐसी प्रक्रिया शुरू होती है, जिसके बारे में ज्यादातर लोगों को पता भी नहीं चलता। इसे एंडोथेलियल डिसफंक्शन (Endothelial Dysfunction) कहा जाता है।

कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर रोहित गुप्ता ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि यह दिल की बीमारी का सबसे शुरुआती स्टेज माना जाता है। अगर इस समय ध्यान दे दिया जाए, तो आगे चलकर होने वाले हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

क्या होता है एंडोथेलियल डिसफंक्शन?

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार हमारी ब्लड वेसल्स यानी खून की नसों के अंदर एक पतली परत होती है, जिसे एंडोथेलियम कहा जाता है। यह परत खून के बहाव को कंट्रोल करती है, नसों को जरूरत के हिसाब से फैलाने और सिकोड़ने में मदद करती है और ब्लड क्लॉट बनने से बचाती है।

डॉक्टर गुप्ता के अनुसार, जब यह परत सही तरीके से काम करना बंद कर देती है, तो शरीर में सूजन बढ़ने लगती है और नसें कमजोर होने लगती हैं। इसी स्थिति को एंडोथेलियल डिसफंक्शन कहा जाता है।

शरीर में कैसे शुरू होती है परेशानी?

यह समस्या अचानक नहीं होती, बल्कि धीरे-धीरे बढ़ती है। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, स्मोकिंग, ज्यादा कोलेस्ट्रॉल और खराब लाइफस्टाइल इसकी बड़ी वजह माने जाते हैं। जब एंडोथेलियल खराब होने लगता है, तो शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड नाम का जरूरी तत्व कम बनने लगता है। इसकी वजह से नसें ठीक से फैल नहीं पातीं और खून का बहाव प्रभावित होने लगता है।

शुरुआती लक्षण जिन्हें लोग नजरअंदाज कर देते हैं

इस बीमारी की सबसे बड़ी समस्या यह है कि शुरुआत में इसके साफ लक्षण दिखाई नहीं देते। लेकिन शरीर कुछ छोटे संकेत जरूर देता है, जैसे-

  • जल्दी थकान महसूस होना
  • एक्सरसाइज करते समय सांस फूलना
  • हाथ-पैर ठंडे रहना
  • कभी-कभी सीने में हल्का दर्द
  • शरीर में कमजोरी महसूस होना

डॉ. गुप्ता के मुताबिक, कई लोगों में यह स्थिति आगे चलकर हार्ट अटैक, स्ट्रोक और नसों में ब्लॉकेज की वजह बन सकती है।

क्यों जरूरी है समय रहते पहचान?

एंडोथेलियल डिसफंक्शन के बारे में उन्होंने बताया कि इसका पता सामान्य हेल्थ चेकअप में अक्सर नहीं चलता। इसके लिए खास टेस्ट किए जाते हैं। यही वजह है कि कई लोग तब तक बीमारी को समझ नहीं पाते, जब तक दिल को नुकसान शुरू नहीं हो जाता।

अच्छी बात ये है कि इसे रोका जा सकता है

डॉक्टर गुप्ता के अनुसार, शुरुआती स्टेज में यह समस्या पूरी तरह कंट्रोल की जा सकती है। इसके लिए रोजाना एक्सरसाइज, हेल्दी डाइट, धूम्रपान से दूरी, अच्छी नींद और तनाव कम करना बेहद जरूरी है। फल, सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स और हेल्दी फैट वाली चीजें ब्लड वेसल्स को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं। वहीं नियमित वॉक और योग से खून का बहाव बेहतर होता है। दिल की बीमारी अचानक नहीं होती, शरीर पहले से संकेत देता रहता है। जरूरत सिर्फ उन संकेतों को समय रहते समझने की है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।