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क्या आप भी बालों में हीट स्टाइलिंग टूल्स का यूज करते हैं, जानिए इनके नुकसान

यदि आप भी अपने बालों को सीधा और कर्ल करने के लिए हेयर स्ट्रेटनर या अन्य टूल्स का यूज करते हैं तो यह खबर आपके लिए है। बालों को चमकाने और मुलायम बनाने वाले हीट टूल्स बालों के साथ—साथ आपकी सेहत पर भी नकारात्मक असर डालते हैं।

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जयपुर

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Jaya Sharma

Nov 28, 2023

बालों की देखभाल करने वाले इन उत्पादों का उपयोग करने से घर के अंदर हवा की संरचना जल्दी से बदल सकती है और सामान्य हीट स्टाइलिंग तकनीक वीओसी के स्तर को और भी अधिक बढ़ा देती है

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रिसचर्स ने सिलोक्सेन सहित वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों (वीओसी) के इनडोर उत्सर्जन का अध्ययन किया, जो बालों को चमकते और मुलायम तो बनाते हैं, लेकिन इनसे स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो सकता है। पर्यावरण विज्ञान और प्रौद्योगिकी पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने दिखाया कि बालों की देखभाल करने वाले इन उत्पादों का उपयोग करने से घर के अंदर हवा की संरचना जल्दी से बदल सकती है और सामान्य हीट स्टाइलिंग तकनीक वीओसी के स्तर को और भी अधिक बढ़ा देती है।

पहले भी हो चुका है अध्ययन

कुछ पूर्व अध्ययनों ने पर्सनल केयर टूल्स में सिलोक्सेन की मात्रा की जांच की है। लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान शरीर क्रीम, तेल, साबुन या फिर शैम्पू पर दिया जाता रहा है। इसके अलावा, सिलोक्सेन उत्सर्जन पर पिछले अधिकांश अध्ययनों में इनडोर वायु संरचना में वास्तविक समय, तेजी से होने वाले बदलावों पर ध्यान नहीं दिया गया है, जो तब हो सकता है जब नियमित रूप से इन हेयर स्टाइल टूल्स का इस्तेमाल किया जा रहा हो।

ऐसे निकलता है अधिक वीओसी
इन उत्पादों से निकले वाला उत्सर्जन, उत्पाद के प्रकार और बालों की लंबाई के साथ-साथ स्टाइलिंग टूल के प्रकार और तापमान से प्रभावित होता था। लंबे बाल और उच्च तापमान से अधिक मात्रा में वीओसी निकलते हैं। सिलोक्सेन के संपर्क में आने से मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभावों के अध्ययन की तत्काल आवश्यकता है, क्योंकि अधिकांश निष्कर्ष जानवरों पर किए गए अध्ययन से हैं।