
Height increasing yoga for kids
Height Increasing Yoga: बच्चों की हाइट, हालांकि आनुवांशिकता पर निर्भर करती है, पर योग के माध्यम से ग्रोथ हार्मोन को उत्तेजित किया जा सकता है, जिससे बच्चों की हाइट/लंबाई के बढ़ने में लाभ मिल सकता है। असल में योग एक प्राचीन और वैज्ञानिक क्रिया है, जिससे शारीरिक लाभ के साथ-साथ मानसिक लाभ भी मिलता है। कई ऐसे आसन हैं, जिनमें बहुत अधिक स्ट्रेच (खिंचाव) और संतुलन की आवश्यकता होती है। ये बच्चों की लंबाई बढ़ाने में लाभदायक हो सकते हैं। प्राणायाम से शरीर एवं मन पूरी तरह से शांत (रिलेक्स) होता है, जो ग्रोथ हार्मोन को उत्तेजित करने में महत्वपूर्ण कारक है। इन योगासनों का नियमित अभ्यास करवाना लाभकारी होगा।
धीरज जेफ, जो कि एसएमएस मेडिकल कॉलेज में योग ओपीडी प्रभारी हैं, उन्होंने योगासन को हाइट बढ़ाने का प्रभावी उपाय बताया। अगर आप भी अपने बच्चे की हाइट को लेकर चिंतित हैं, तो इन योगासनों की मदद से हाइट में वृद्धि हो सकती है।
इसे करने के लिए दोनों पैरों को मिलाकर सीधे खड़े रहें, फिर दोनों हाथों को आपस में मिलाकर सांस भरते हुए सामने से सिर के ऊपर सीधे ले जाएं, शरीर का संतुलन पंजों पर बनाते हुए पूरे शरीर को पंजों से लेकर ऊपर हाथों तक खिंचाव दें। सांस रोककर रखें। इस प्रक्रिया को 4-5 बार दोहराएं।
सीधे खड़े रहें, फिर दाएं पैर को ऊपर उठाकर बाएं पैर की जंघा के भीतर भाग पर रखें और शरीर का वजन बाएं पैर पर संतुलित करें। दोनों हाथों की हथेलियों को मिलाकर रखते हुए सिर के ऊपर ले जाएं। दूसरे पैर से दोहराएं। सांस सामान्य रखते हुए वृक्ष की तरह अविचल खड़े रहें।
इसे करने के लिए पहले दोनों हाथों को मिलाकर सांस भरते हुए सिर के ऊपर ले जाएं। फिर सांस छोड़ते हुए कमर (हिप्स) से नीचे झुकें, दोनों हाथों को पैरों के पंजों पर रखते हुए नाक को घुटने से स्पर्श करें, घुटने सीधे रखने का प्रयास करें। सांस रोककर रखें। प्रक्रिया को 4-5 बार दोहराएं।
इसे करने के लिए सीधे खड़े होकर दोनों हाथ कमर पर रखें, फिर सांस भरते हुए शरीर को कमर से पीछे की ओर झुकाएं, पैर मिलाकर रखें। सांस रोकें एवं छोड़ते हुए सीधे अपने स्थान पर आएं। 4-5 बार करें।
ध्यान रखें: बच्चों की हाइट/लंबाई आनुवांशिकता एवं ग्रोथ हार्मोन पर निर्भर है, पर योग के माध्यम से कुछ इंच बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
28 Feb 2025 07:11 pm
Published on:
28 Feb 2025 10:29 am
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