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HIV in Pakistan : पाकिस्तान में एड्स से हाहाकार! 331 HIV पॉजिटिव, जानिए क्या है पूरा मामला

331 Children found HIV Positive In Pakistan : पाकिस्तान में एचआईवी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यहां 331 बच्चे एचआईवी पॉजिटिव मिले हैं।

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भारत

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Ravi Gupta

Apr 14, 2026

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HIV in Pakistan (प्रतीकात्मक तस्वीर) Photo - Patrika

331 HIV Positive in Pakistan : पाकिस्तान एचआईवी पॉजिटिव होने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बीबीसी की रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाक में 331 बच्चों की रिपोर्ट एचआईवी पॉजिटिव (HIV in Pakistan Latest News) आ । एक बड़े अस्पताल की लापरवाही के कारण ऐसा हुआ है। इस घटना को लेकर पाकिस्तान के स्वास्थ्य विभाग पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

ये मामला पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के तौंसा (Taunsa) शहर की बताई जा रही है। यहां पर सरकारी अस्पताल का स्टाफ इस्तेमाल की हुई सुइयां (सिरिंज) का इस्तेमाल कर बच्चों के खून में एड्स घोलने का काम किया है।

पाकिस्तान एचआईवी का पूरा मामला क्या है?

दरअसल, इन इलाकों में बच्चों में एचआईवी के मामले बढ़ रहे थे। नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच इस छोटे से शहर में 331 बच्चे HIV पॉजिटिव मिले। इसके बाद बीबीसी की एक टीम ने अस्पताल में खुफिया रिपोर्टिंग की। वहां देखने को मिला कि एक ही सीरिंज से कई बच्चों को इंजेक्शन लगाया जा रहा था।

ये पाक के बड़े सरकारी अस्पताल का हाल था। यहां पर किसी प्रकार की देख-रेख नहीं थी, कर्मचारी मनमानी कर रहे थे।

पाकिस्तान में फैलता एड्स, सरकारी तंत्र मौन!

लापरवाही का नतीजा है कि 2019 में भी सिंध के रतोदेरो में सैकड़ों बच्चे HIV से संक्रमित हुए थे। साल 2021 तक यह आंकड़ा 1500 तक पहुंच गया था। इसके बाद भी 2024-25 के मामले भी सामने आए। अगर इन पर निगरानी होती तो शायद ही ऐसा होता।

ऐसे पता चला था HIV का खेल

जब प्राइवेट क्लिनिक के डॉक्टर गुल कैसरानी के पास कई मामेल पहुंचे तो उन्होंने एक चीज कॉमन पाई- अधिकतर बच्चों के इलाज THQ ताउंसा में हुए थे। उन्होंने बताया कि 65-70 HIV पॉजिटिव बच्चों में से ज्यादातर उसी हॉस्पिटल के थे। साथ ही कुछ माता-पिता ने भी यूज्ड सिरिंज दोबारा इस्तेमाल की शिकायत की थी।

जिम्मेदार कौन, समझ से परे

स्थानीय सरकार का इस मामले को लेकर कहना है कि ये स्पष्ट नहीं है कि THQ ताउंसा ही इस आउटब्रेक का मुख्य स्रोत है। इसके अलावा अन्य वैश्विक स्वास्थ्य संगठन यूनिसेफ (UNICEF), विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त रिपोर्ट में निजी क्लिनिक और बिना जांचे खून चढ़ाने को भी कारण बताया गया है।