
लिवर से जुड़े खतरे को दिखाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- chatgtp)
Liver Disease Warning Signs: आमतौर पर लोग मानते हैं कि लिवर की बीमारी सिर्फ शराब पीने, ज्यादा तला-भुना खाने या मोटापे की वजह से होती है। लेकिन अब डॉक्टरों ने एक नए खतरे को लेकर चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाले कुछ केमिकल्स भी धीरे-धीरे लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनमें ड्राई क्लीन कपड़े, कुछ क्लीनिंग प्रोडक्ट्स और फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाले केमिकल शामिल हैं।
हाल ही में हुई एक रिसर्च में Tetrachloroethylene (PCE) नाम के केमिकल को लेकर चिंता जताई गई है। यह केमिकल आमतौर पर ड्राई क्लीनिंग, मशीन साफ करने और इंडस्ट्रियल कामों में इस्तेमाल होता है।
डॉक्टरों के मुताबिक, यह केमिकल हवा के जरिए शरीर में पहुंच सकता है। ड्राई क्लीन किए गए कपड़ों से कई दिनों तक इसकी गंध और केमिकल हवा में निकलते रहते हैं। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से लिवर पर असर पड़ सकता है।
अमेरिका के डॉक्टरों ने 1600 से ज्यादा लोगों पर रिसर्च की। इसमें पाया गया कि जिन लोगों के खून में PCE के निशान मिले, उनमें लिवर फाइब्रोसिस का खतरा ज्यादा था। लिवर फाइब्रोसिस ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर में धीरे-धीरे स्कार टिश्यू बनने लगते हैं। अगर समय पर इलाज न मिले, तो यह आगे चलकर लिवर फेलियर या लिवर कैंसर का कारण भी बन सकता है।
हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. ब्रायन ली के मुताबिक, कई लोग हैरान होते हैं कि शराब न पीने और फिट रहने के बावजूद उन्हें लिवर की बीमारी कैसे हो गई। डॉक्टर राहुल यादव (एमबीबीएस) ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि इसके पीछे पर्यावरण में मौजूद जहरीले केमिकल भी जिम्मेदार हो सकते हैं।उनका कहना है कि ऐसे केमिकल्स धीरे-धीरे शरीर में असर दिखाते हैं और कई सालों बाद बीमारी सामने आती है।
डॉक्टर राहुल यादव ने बताया कि ड्राई क्लीन कपड़ों को पहनने से पहले कुछ घंटों तक खुली हवा में रखें। घर में तेज केमिकल वाले क्लीनिंग प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कम करें और अगर फैक्ट्री में काम करते हैं तो मास्क और सुरक्षा उपकरण जरूर पहनें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
20 May 2026 03:27 pm
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