
होली पर ये सावधानियां बरतेंगे तो बचेंगे कई मुश्किलों से
त्वचा पर केमिकलयुक्त रंग से खुजली, लाल चकत्ते आते हैं। रंग से आंखें लाल हो जाती है। सूजन आने के साथ संक्रमण भी हो सकता है। इसके अलावा रंगों के नाक में जाने से या खुश्बू से छींके, नाक से पानी, सिरदर्द जैसे लक्षण दिखते हैं। सांस की नली में जाने से खांसी, सांस लेने में तकलीफ होती है जिसे ब्रोंकाइटिस कहते हैं। यदि अस्थमा के मरीज रंगों के सम्पर्क में आने सेे अस्थमा अटैक की आशंका बढ़ती है।
चमकते और मजबूत बने रहेंगे बाल
बालों में नारियल, जैतून या सरसों का तेल लगाकर होली खेलें। रंग छुड़ाने के लिए त्रिफला चूर्ण, मुलैठी, शहद, एलोवेरा का फेसपैक बनाकर लगाएं। आधे घंटे बाद धुलें। बालों में मॉइश्चर के लिए जैतून व नारियल तेल लगाएं। बेसन, दही या भीगे आंवले को अच्छे से बालों में लगाएं।
ऐसे छुड़ाएं रंग
होली खेलने के बाद रंग छुड़ाने के लिए नींबू का रस मिला कर गुनगुने पानी से धुलें। जहां रंग ज्यादा लगा है वहां दूध, शहद व गुलाब जल मिलाकर लगाएं। यदि न छूटे तो बेसन, नींबू, शहद, पिसी मसूर की दाल का फेसपैक लगाएं। बेसन में नींबू व दूध का पेस्ट बना लें। 5-10 मिनट मसाज कर गुनगुने पानी से धुलें। जिसे पिंपल है वह जौ का आटे में एलोवेरा व शहद मिलाकर लगाएं।
डॉ. एम.के. गुप्ता, एलर्जी एवं श्वसन रोग विशेषज्ञ, जयपुर
Published on:
21 Mar 2019 10:00 am
