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पीरियड्स के दौरान यदि हो कमरदर्द तो…जानें ये खास बातें

खासतौर पर माहवारी के दौरान कई बार यह दर्द मुसीबत बन जाता है। इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। ऐसे समय में इसका मुख्य कारण है एंडोमेट्रीओसिस। जानते है

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Vikas Gupta

Nov 04, 2017

Masik dharm problems

Masik dharm problems

महिलाओं में कमर और पेटदर्द आम समस्या है। खासतौर पर माहवारी के दौरान कई बार यह दर्द मुसीबत बन जाता है। इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। ऐसे समय में इसका मुख्य कारण है एंडोमेट्रीओसिस। जानते हैं इसके बारे में-

क्या है वजह
एंडोमेट्रियम (गर्भाशय की आंतरिक सतह) में हर महीने कई बदलाव आते हैं व माहवारी के रूप में इसका कुछ भाग रक्तस्राव के साथ निकल जाता है। एंडोमेट्रियम जैसी सतह जब गर्भाशय के अलावा अन्य अंगों (ओवरी, फैलोपियन ट्यूब, आंतों आदि) में विकसित हो जाती है, तो यह अवस्था एंडोमेट्रीओसिस कहलाती है। एंडोमेट्रियम की प्रवृत्ति संकुचन की होती है अत: इन अंगों में भी बेवजह ऐसा होने लगता है, जिससे दर्द की समस्या होती है।

विशेषज्ञ की राय
माहवारी के दौरान थोड़ा दर्द होने को महिलाएं सामान्य रूप से लेती हैं। लेकिन जब यह असहनीय होने लगे तो अनदेखी न करें और तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क कर उचित इलाज लें।

यह है इलाज
शुरुआत में दर्द निवारक दवाएं कुछ मदद कर सकती हैं दर्द तेज या असहनीय होने पर कई हार्मोन दिए जाते हैं जो टेबलेट या इंजेक्शन के रूप में हो सकते हैं। इनके प्रभाव से कुछ महीनों के लिए माहवारी कृत्रिम रूप से बंद हो जाती है। माहवारी न होने से न तो एंडोमेट्रियम का संकुचन होता है और ना दर्द। ऐसे में गांठ के आकार का पता सोनोग्राफी से लगाया जाता है व दूरबीन से सीधा देखा जा सकता है। गांठ बनने की स्थिति में सर्जरी की जाती है जिसे लैप्रोस्कोपिक तकनीक से भी किया जा सकता है।

लक्षण व अन्य परेशानियां
माहवारी के समय पेट के निचले भाग व कमर में तेज दर्द मुख्य लक्षण है। कई बार महिलाओं को असहनीय दर्द से दर्द निवारक दवाएं भी लेनी पड़ जाती हैं। ओवरी सबसे ज्यादा प्रभावित होती है। कई बार रक्त एकत्र होने से यह बड़ी होकर गांठ के रूप में बन जाती है, जिसे चॉकलेट सिस्ट कहते हैं। कुछ महिलाओं में सिस्ट (रसौली) से फैलोपियन ट्यूब, आंतें व मूत्राशय भी चिपक जाते हैं। ऐसे में गांठ आकार में बहुत बड़ा रूप ले लेती है और परेशानियों का कारण बन जाती है। फैलोपियन ट्यूब अवरुद्ध होने से नि:संतानता की समस्या सामने आती है।


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