Coronavirus: जे एंड जे की कोरोना वैक्सीन से रेयर नर्व डिसऑर्डर का खतरा! लेकिन वैक्सीन के लाभ जोखिम से कहीं अधिक -सीडीसी

Coronavirus: यूरोपियन यूनियन ने जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन के एक नए साइड इफेक्ट को भी लिस्ट किया है। कुछ दिन पहले अमेरिका ने भी इस कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट से लकवे की समस्या होने आशंका जताई थी।

By: Deovrat Singh

Published: 23 Jul 2021, 02:22 PM IST

Coronavirus: कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए दुनिया भर में टीकाकरण किया जा रहा है। टीकाकरण को लेकर अलग-अलग दावे भी किये जा रहे हैं। इसी बीच यूरोपियन यूनियन ने जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन के एक नए साइड इफेक्ट को भी लिस्ट किया है। कुछ दिन पहले अमेरिका ने भी इस कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट से लकवे की समस्या होने आशंका जताई थी। यूरोपियन यूनियन ने दुर्लभ एवं संभावित रेयर नर्व डिसऑर्डर को जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन का साइड इफेक्ट माना है।

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आपको बता दें कि पिछले हफ्ते अमेरिका की एफडीए ने भी जॉनसन एंड जॉनसन के कोरोना टीके को दुर्लभ एवं संभावित रेयर नर्व डिसऑर्डर के जोखिम से जुड़े होने की एक नई चेतावनी जारी की थी। हालांकि एफडीए ने कहा था कि वह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि जे एंड जे टीके से यह समस्या हो सकती है।

रॉयटर्स के मुताबिक, अब यूरोप के मेडिकल रेगुलेटर ने दुर्लभ एवं संभावित खतरनाक तंत्रिका संबंधी रोग (रेयर नर्व डिसऑर्डर) को लिस्ट किया है। Guillain-Barré syndrome नाम से पहचाने जाने वाले इस साइड इफेक्ट को संभावित तौर पर जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन से जुड़ा माना जा रहा है। दुनियाभर के 108 केसों की स्टडी के बाद ईयू के मेडिकल रेगुलेटर ने इसे लिस्ट किया है।

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गिलेन-बर्रे सिंड्रोम
गिलेन-बर्रे सिंड्रोम से मांसपेशियां कमजोर होने लगती है। जब एफडीए और सीडीसी ने जे एंड जे का पहला टीका लगवा चुके करीब 100 लोगों में बीमारी पनपने की खबरों की समीक्षा की। इनमें से ज्यादातर को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी थी और इनमे से एक व्यक्ति की मौत भी हो गई।

सीडीसी के अनुसार गिलेन-बर्रे सिंड्रोम तब होता है तब शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली गलती से अपनी ही तंत्रिका कोशिकाओं पर हमला करने लगती है। जिससे मांसपेशियों में कमजोरी और कभी कभी फालिज की स्थिति पैदा हो जाती है। यह आम तौर पर अस्थायी होता है। हर साल करीब 3,000 से 6,000 लोगों में यह बीमारी होती है।

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एक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल विकार की रिपोर्ट की चल रही समीक्षा के बीच गुरुवार को यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के एक सलाहकार पैनल ने बताया कि जॉनसन एंड जॉनसन की कोविड-19 वैक्सीन के लाभ इसके संभावित जोखिमों से कहीं अधिक हैं।


सीडीसी की सलाहकार समिति की बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, प्रति दस लाख खुराक पर गुलियन बेरी सिंड्रोम के 8.1 मामले सामने आए हैं, जो सामान्य आबादी में अपेक्षा से अधिक है और यह फाइजर व मॉर्डना की खुराकों में देखी गई दर से आठ गुना ज्यादा है।

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