
Know what is COVID —19 antibody test
नई दिल्ली। कुछ लोगों में वैक्सीन लगने के बाद भी एंटीबॉडी नहीं बन रही हैं। इसके लिए लोग वैक्सीनेशन के बाद एंटीबॉडी की जांच भी करा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके वैक्सीनेशन के बाद एंटीबॉडी जांच की कोई जरूरत नहीं है। इसलिए अगर वैक्सीन लगने के बाद भी एंटीबॉडी नहीं बनी तो इम्यूनोलॉजिस्ट से संपर्क करने के बाद आपको पैथोलॉजिस्ट से पूरी जांच करानी चाहिए। वायरस की जो संरचना होती है या वायरस में जो प्रोटीन होते हैं। हमारा इम्यून सिस्टम उन प्रोटीन को पहचानता है और उसके खिलाफ एंटीबॉडी बनाता है। जब वायरस म्यूटेडेड या जब वायरस में म्यूटेशन होता है तो वायरस अपने प्रोटीन की आकृति बदल लेता है।
जानें क्या है एंटी बॉडी टेस्ट
अगर कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है और वह यह जानना चाहता है तो उसे यह बात RT-PCR और रैपिड टेस्ट के जरिए पता चलती है। वहीं अगर मरीज ने कोरोना वायरस को मात दे दी है या फिर उसने वैक्सीनेशन करा लिया हो, तो उसके बाद एंटीबॉडी टेस्ट किया जाता है। इस एंटीबॉडी टेस्ट के जरिए पता चलता है कि क्या आपके शरीर ने कोविड वायरस से लड़ने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली हासिल कर ली है या नहीं।
क्यों किया जाता है एंटीबॉडी टेस्ट
एक्सपर्ट का कहना है कि एंटीबॉडी टेस्ट के जरिए पता लगाया जा सकता है कि यह वायरस कितना खतरनाक है। इसके अलावा इस टेस्ट के जरिए यह भी देखा जा सकता है कि आपने जो वैक्सीन ली है] वह काफी है या इसे फिर से लगवाने की जरूरत है। वहीं, अगर आप इस वायरस से ठीक हो गए हैं तो आप एंटीबॉडी टेस्ट के जरिए एंटीबॉडी की मात्रा शरीर में कितनी है, यह भी पता लगाया जा सकता है।
कब किया जाता है एंटी बॉडी टेस्ट
एंटीबॉडी टेस्ट किसी भी व्यक्ति का तब किया जाता है जब व्यक्ति कोरोना से ठीक हो चुका हो। एंटीबॉडी हमारे स्लाइवा पर भी मौजूद होती है लेकिन यह टेस्ट उतना ज्यादा कारगर नहीं माना जाता। इसके लिए सही टेस्ट आपके ब्लड के जरिए ही किया जाता है।
Published on:
08 Dec 2021 08:48 pm
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