
Meghalaya Health Alert (photo- gemini ai)
Health Alert: दुनिया अभी एक महामारी से उभरी ही थी कि भारत के सीमावर्ती इलाकों में एक नई बीमारी ने दस्तक दे दी है। बांग्लादेश में खसरा (Measles) और रूबेला (Rubella) के प्रकोप ने कोहराम मचा रखा है, जिसके बाद भारत का मेघालय राज्य 'हाई अलर्ट' पर आ गया है। स्वास्थ्य विभाग की इस चेतावनी ने माता-पिता के बीच चिंता बढ़ा दी है।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, बांग्लादेश के कई जिलों में खसरा और रूबेला के मामलों में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी देखी गई है। चूंकि मेघालय की एक लंबी सीमा बांग्लादेश से लगती है, इसलिए संक्रमण के भारत में प्रवेश करने का खतरा बढ़ गया है। मेघालय सरकार ने सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी और स्क्रीनिंग के आदेश जारी कर दिए हैं।
ये दोनों ही अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारियां हैं जो मुख्य रूप से बच्चों को निशाना बनाती हैं।
खसरा (Measles): यह सांस के जरिए फैलता है। इसमें तेज बुखार, खांसी और शरीर पर लाल दाने हो जाते हैं। यदि इलाज न मिले, तो यह निमोनिया और दिमाग में सूजन (Encephalitis) का कारण बन सकता है।
रूबेला (Rubella): इसे 'जर्मन मीजल्स' भी कहते हैं। बच्चों के लिए यह हल्का हो सकता है, लेकिन अगर कोई गर्भवती महिला इसकी चपेट में आ जाए, तो होने वाले बच्चे में जन्मजात विकृति पैदा हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आपके बच्चे में ये लक्षण दिखें, तो इसे सामान्य बुखार समझने की गलती न करें। तेज बुखार के साथ लगातार खांसी और बहती नाक। आंखों का लाल होना और पानी आना। चेहरे से शुरू होकर पूरे शरीर पर फैलने वाले लाल-गुलाबी चकत्ते (Rashes)। मुंह के अंदर छोटे सफेद धब्बे (Koplik's spots)।
Centers for Disease Control and Prevention के रिपोर्ट के आधार पर जानते हैं कि किस देश में सबसे ज्यादा खसरा के मरीज मिले हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, टीकाकरण में थोड़ी सी भी कमी ऐसे 'आउटब्रेक' का कारण बनती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि खसरा दुनिया की सबसे संक्रामक बीमारियों में से एक है। एक संक्रमित बच्चा 12 से 18 अन्य बच्चों को बीमार कर सकता है।
पीडियाट्रिशियन डॉ. विकास महाजन ने कहा कि "बॉर्डर इलाकों में रहने वाले परिवारों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। खसरा और रूबेला से बचने का एकमात्र और सबसे प्रभावी तरीका MMR (Measles, Mumps, Rubella) वैक्सीन है। अगर बच्चे का टीकाकरण अधूरा है, तो उसे तुरंत पूरा करवाएं।"
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
22 Apr 2026, 3:49 PM IST
Published on:
22 Apr 2026, 12:11 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.