
Mumps Virus Alert (photo- gemini ai)
Mumps Virus Alert: अमेरिका में इन दिनों मम्प्स (Mumps) यानी गलसुआ के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इससे स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि यह बीमारी खसरा की तरह ही एक संक्रामक वायरल संक्रमण है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के कुछ इलाकों में इस साल अब तक कई मामले सामने आ चुके हैं। खासतौर पर बाल्टीमोर इलाके में कई वयस्कों में मम्प्स संक्रमण पाया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि अगर टीकाकरण की दर कम हो जाए या समय के साथ शरीर की इम्युनिटी कमजोर पड़ जाए तो ऐसे संक्रमण फिर से फैलने लगते हैं।
मम्प्स एक वायरल बीमारी है जो बच्चों और बड़ों दोनों को हो सकती है, लेकिन यह बच्चों में ज्यादा देखी जाती है। यह बीमारी मुख्य रूप से कान के पास मौजूद लार ग्रंथियों (Salivary glands) को प्रभावित करती है। पहले के समय में मम्प्स के मामले बहुत ज्यादा होते थे, लेकिन जब MMR वैक्सीन (खसरा, मम्प्स और रुबेला से बचाने वाला टीका) शुरू हुआ तो दुनिया भर में इसके मामलों में काफी कमी आ गई। फिर भी समय-समय पर इसके छोटे-छोटे प्रकोप देखने को मिलते रहते हैं, खासकर स्कूल, कॉलेज या भीड़भाड़ वाली जगहों पर।
मम्प्स के लक्षण आमतौर पर वायरस के संपर्क में आने के 2 से 3 हफ्ते बाद दिखाई देते हैं। कई बार कुछ लोगों में लक्षण हल्के होते हैं या बिल्कुल भी नहीं होते, जिससे बीमारी को पहचानना मुश्किल हो सकता है। इसके कुछ सामान्य लक्षण हैं:
इस बीमारी का सबसे पहचानने वाला लक्षण है गाल और जबड़े के आसपास सूजन, जो लार ग्रंथियों में सूजन की वजह से होती है।
ज्यादातर लोग मम्प्स से ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं। इनमें दिमाग में सूजन (एन्सेफलाइटिस), मेनिनजाइटिस, सुनने की क्षमता कम होना, पुरुषों में अंडकोष में सूजन और महिलाओं में अंडाशय में सूजन शामिल हो सकती हैं। हालांकि ये जटिलताएं बहुत कम मामलों में होती हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
मम्प्स का वायरस खांसने, छींकने, बात करने या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकता है। इसके अलावा एक ही गिलास, बोतल या बर्तन इस्तेमाल करने से भी संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। इसलिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर यह बीमारी जल्दी फैल सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मम्प्स से बचने का सबसे प्रभावी तरीका टीकाकरण है। MMR वैक्सीन आमतौर पर बचपन में दो डोज में दी जाती है। इसके अलावा कुछ आसान सावधानियां भी मदद कर सकती हैं। हाथों को बार-बार साफ रखें, खांसते या छींकते समय मुंह ढकें, बीमार व्यक्ति से दूरी बनाए रखें, बीमार होने पर घर पर आराम करें। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर टीकाकरण और थोड़ी सावधानी से इस संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
Published on:
16 Mar 2026 12:47 pm
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