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तेज खर्राटे और नींद में सांस रुकना, हो सकते हैं ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के संकेत, Cleveland Clinic से जानें कारण

Obstructive Sleep Apnea: ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया क्या होता है और इसमें होने पर कौन कौन से लक्षण दिखाई देते हैं? आइए मेयो क्लिनिक और क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार जानते हैं।
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Sleep Apnea Causes, Sleep Apnea Treatment

Obstructive Sleep Apnea क्यों होती है?(representative image) image credit Magnific

Sleep Apnea Symptoms: रात में तेज खर्राटे आते हैं, सोते समय कुछ देर के लिए सांस रुकती है या अचानक घुटन और हांफने के साथ नींद खुलती है, तो इसे सिर्फ सामान्य खर्राटे समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के संकेत हो सकते हैं। इसमें सोते समय गले की मांसपेशियां सामान्य से अधिक ढीली पड़ जाती हैं, जिससे सांस लेने का रास्ता कुछ समय के लिए संकरा या बंद हो सकता है और सांस रुकने लगती है। आइए जानते हैं यह समस्या क्यों होती है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे बचने के लिए क्या किया जा सकता है।

क्या है ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) नींद से जुड़ी सांस की समस्या है। इसमें सोते समय गले की मांसपेशियां ढीली पड़ने से सांस की नली संकरी या बंद हो जाती है। इससे कुछ समय के लिए सांस रुक सकती है और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है। इसके बाद दिमाग व्यक्ति को थोड़ी देर के लिए जगा देता है, ताकि सांस लेने का रास्ता फिर से खुल सके। कई बार यह जागना इतना कम समय का होता है कि व्यक्ति को इसका पता भी नहीं चलता। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के मुताबिक ऐसी स्थिति रात में बार बार हो सकती है, जिससे नींद पूरी तरह आराम देने वाली नहीं रह पाती। वहीं क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार बार बार नींद टूटने की वजह से दिन में थकान और ज्यादा नींद आने जैसी परेशानी हो सकती है।

रात में दिख सकते हैं ये लक्षण

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के दौरान ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं-

  • तेज खर्राटे आना
  • सोते समय सांस रुकना
  • नींद में हांफना या घुटन के साथ जागना
  • रात में बार बार नींद खुलना
  • सोते समय बेचैनी महसूस होना
  • रात में बार बार पेशाब के लिए उठना

दिन में भी नजर आ सकते हैं ये संकेत

स्लीप एपनिया का असर सिर्फ रात की नींद तक सीमित नहीं रहता। दिन में जरूरत से ज्यादा नींद आना, लगातार थकान महसूस होना, ध्यान लगाने में परेशानी और सुबह उठने पर सिरदर्द जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। कुछ लोगों में मूड में बदलाव और चिड़चिड़ापन भी देखा जा सकता है।

किन लोगों में बढ़ सकता है खतरा

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया किसी को भी हो सकता है। हालांकि कुछ स्थितियों में इसका खतरा बढ़ सकता है। ज्यादा वजन, उम्र बढ़ना, परिवार में स्लीप एपनिया का इतिहास, सांस की नली का संकरा होना और रात में लंबे समय तक नाक बंद रहना इसके जोखिम को बढ़ाने वाले कारणों में शामिल हैं। धूम्रपान भी जोखिम बढ़ा सकता है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार इन कारणों के अलावा कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी OSA के जोखिम से जुड़ी हो सकती हैं।

इससे बचने के लिए क्या करें

स्लीप एपनिया का इलाज और बचाव व्यक्ति की स्थिति के अनुसार अलग हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति का वजन ज्यादा है, तो डॉक्टर की सलाह से वजन कम करने से लक्षणों में सुधार हो सकता है। धूम्रपान से बचना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार सोने की स्थिति में बदलाव करना भी मददगार हो सकता है।

कब डॉक्टर से संपर्क करें

अगर खर्राटे इतने तेज हैं कि साथ सोने वाले व्यक्ति की नींद प्रभावित होती है, सोते समय सांस रुकती है, घुटन या हांफने के साथ नींद खुलती है या रात में सोने के बाद भी दिन में भी नींद आती है, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।