2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पीसीओडी और पीसीओएस में अंतर जानिए, भ्रम से बचें

पीसीओडी और पीसीओएस दो ऐसी समस्याएं हैं जो महिलाओं में आमतौर पर देखी जाती हैं। इन दोनों समस्याओं के लक्षण एक जैसे होने के कारण अक्सर लोग इन दोनों में भ्रमित हो जाते हैं। हालांकि, इन दोनों के बीच कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं।

2 min read
Google source verification
PCOS vs PCOD

PCOS vs PCOD : पीसीओडी और पीसीओएस दो ऐसी समस्याएं हैं जो महिलाओं में आमतौर पर देखी जाती हैं।

पीसीओडी और पीसीओएस में क्या अंतर है?

पीसीओडी और पीसीओएस दो ऐसी समस्याएं हैं जो महिलाओं में आमतौर पर देखी जाती हैं। इन दोनों समस्याओं के लक्षण एक जैसे होने के कारण अक्सर लोग इन दोनों में भ्रमित हो जाते हैं। हालांकि, इन दोनों के बीच कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं।

पीसीओडी क्या है?

पीसीओडी का मतलब है पॉलीसिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर। इस स्थिति में, महिलाओं के अंडाशय में कई छोटे-छोटे सिस्ट बन जाते हैं। इन सिस्ट के कारण अंडाशय में अंडे नहीं बन पाते हैं और मासिक धर्म चक्र अनियमित हो जाता है। पीसीओडी के कारण महिलाओं में बालों का झड़ना, चेहरे पर मुँहासे और वजन बढ़ना जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

पीसीओएस क्या है?

पीसीओएस का मतलब है पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम। यह एक हार्मोनल विकार है जो महिलाओं में बांझपन, वजन बढ़ना और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। पीसीओएस में, महिलाओं के अंडाशय में कई छोटे-छोटे सिस्ट बन जाते हैं। इन सिस्ट के कारण अंडाशय में अंडे नहीं बन पाते हैं और मासिक धर्म चक्र अनियमित हो जाता है। पीसीओएस के कारण महिलाओं में इन्सुलिन प्रतिरोध भी हो सकता है, जो टाइप 2 मधुमेह का कारण बन सकता है।

यह भी पढ़े-5 मिनट में ब्लैकहेड्स से छुटकारा! ये 4 घरेलू उपाय आजमाएं

पीसीओडी और पीसीओएस में अंतर

पीसीओडी और पीसीओएस में निम्नलिखित अंतर हैं:

- पीसीओडी एक सामान्य स्थिति है, जबकि पीसीओएस एक गंभीर बीमारी है।
- पीसीओडी का इलाज जीवनशैली में बदलाव करके किया जा सकता है, जबकि पीसीओएस का इलाज दवाओं और जीवनशैली में बदलाव करके किया जा सकता है।
- पीसीओडी से महिलाओं को गर्भधारण करने में कठिनाई हो सकती है, जबकि पीसीओएस से महिलाओं को गर्भधारण करने में बहुत अधिक कठिनाई होती है।

पीसीओडी और पीसीओएस का इलाज

पीसीओडी और पीसीओएस के इलाज में जीवनशैली में बदलाव और दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है। जीवनशैली में बदलाव में शामिल हैं:

- स्वस्थ आहार खाना
- नियमित रूप से व्यायाम करना
- कम वजन बनाए रखना

दवाइयों में शामिल हैं:

- गर्भनिरोधक गोलियां
- इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाने वाली दवाइयां
- एंडोमेट्रियोसिस के इलाज के लिए दवाइयां

यदि आपको पीसीओडी या पीसीओएस के लक्षण हैं, तो अपने डॉक्टर से बात करें। डॉक्टर आपके लक्षणों का मूल्यांकन करेगा और आपके लिए सही इलाज की सिफारिश करेगा।