10 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

‘रेड हॉट ड्रिंक’ से हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और मोटापा दूर, जानें कैसे बनाएं

रेड टी एक ऐसा आयुर्वेदिक उपाय है जो हाई बीपी और कोलेस्ट्रॉल के खतरों को कम करने में मदद कर सकता है। रेड टी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ट्यूमर गुण होते हैं जो इन रोगों के कारण होने वाली क्षति को कम करने में मदद करते हैं।

2 min read
Google source verification
red-tea.jpg

Say goodbye to high BP

Red Tea for Health: हाई बीपी और कोलेस्ट्रॉल ये दो ऐसे रोग हैं जो सीधे हार्ट पर असर डालते हैं। हाई बीपी से हार्ट में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, कोलेस्ट्रॉल रक्त वाहिकाओं में जमा होकर उन्हें अवरूद्ध कर सकता है, जिससे हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

अगर आप हाई बीपी या कोलेस्ट्रॉल जैसी कई बीमारियों से जूझ रहे तो आपके लिए रेड हॉट ड्रिंक दवा की तरह काम करेगी। नेचुरली आप अपनी बीमारियों को आसानी से काबू रख सकेंगे।

उच्च रक्तचाप यानि हाई बीपी और कोलेस्ट्रॉल दोनों ही बीमारियों में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, इससे हार्ट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। वहीं, डायबिटीज और मोटापा भी एक बड़ा कारण होता है हार्ट फेल का। इसलिए इन सभी बीमारियों को काबू रखने में हिबिस्कस टी यानी गुड़हल की चाय को औषधिय समान बताया गया है।

हिबिस्कस टी पर जर्नल न्यूट्रिशन रिव्यूज में छपी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ये हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और डायबिटीज जैसे रोगों में बेहद फायदेमंद है। तो चलिए जानें किन-किन बीमारियों में ये रेड हॉट ड्रिंक यानी गुड़हल की चाय फायदेमंद हैं।

यह भी पढ़े-क्या आपके पेशाब में प्रोटीन आ रहा है? यह किडनी खराबी का संकेत हो सकता है

1. एंटीऑक्सीडेंट इम्युनिटी बढ़ाती है
गुड़हल में बीटा-कैरोटीन, विटामिन सी और एंथोसायनिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। एंटीऑक्सिडेंट से भरे होने के कारण ये चाय इम्युनिटी बूस्टर होती है और इंफेक्शन आदि से बचाती है। साथ ही एंटीऑक्सिडेंट शरीर के भीतर मुक्त कणों के रूप में जाने वाले हानिकारक अणुओं को नष्ट कर देते हैं। फ्री रेडिकल्स उन कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं जो कैंसर, हृदय रोग और मधुमेह जैसी बीमारियों में योगदान करती हैं। मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से लड़ने के लिए ये एंटीऑक्सिडेंट बहुत काम आते हैं।

2. सूजन से लड़ती है
हिबिस्कस टी सूजन से लड़ने वाली होती है। अगर शरीर में कहीं भी सूजन है तो आपको इसकी चाय पीनी चाहिए। ये जोड़ों के दर्द को भी कम करती है। कैंसर, अस्थमा, अल्जाइमर रोग, हृदय रोग और रुमेटीइड गठिया आदि में ये चाय दवा की तरह काम करती है।

3. रक्तचाप कम करने वाली
उच्च रक्तचाप के साथ ये दिल का दौरा, स्ट्रोक और किडनी से जुड़ी समस्याओं में भी बेहद फायदेमंद होती है।

4. कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक
उच्च कोलेस्ट्रॉल के साथ ही ये हाई कोलेस्ट्रॉल में भी कारगर है। ये नसों में चिपके मोम जैसे लिसलिसे फैट को पिघालाकर बाहर करती है। इससे धमनियों की सूजन भी कम होती है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।

5. वजन घटाने वाली
हिबिस्कस टी वेट लॉस में भी मददगार है। ये मेटाबॉलिक रेट को बढ़ाती है जिससे शरीर में जमा चर्बी पिघलने लगती है।

6. बैक्टीरिया से लड़ता है
गुड़हल के अर्क में खतरनाक जीवाणुओं को मारने का दम होता है। यही कारण है कि ये बैक्टरियल इंफेक्शन को दूर करने में कारगर है।

7. लिवर-किडनी के लिए भी हेल्दी
हिबिस्कस लीवर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। अर्क अपने शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि के कारण, विभिन्न प्रकार के विषाक्त पदार्थों से जिगर की रक्षा करता है। साथ ही किडनी के फिल्टरेशन में भी मददगार है। इससे शरीर डिटॉक्स होता है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


बड़ी खबरें

View All

स्वास्थ्य

ट्रेंडिंग

लाइफस्टाइल