
Rising Bone and Joint Pain in Women
Bone and Joint Pain : जानें कारण और समाधान हड्डियों और जोड़ों की समस्याएं विशेष रूप से महिलाओं में अधिक सामान्य होती हैं। नेशनल बोन और हेल्थ जॉइंट डे के अवसर पर विशेषज्ञों ने बताया कि पुरुषों और महिलाओं में इन समस्याओं के कारण और प्रभाव विभिन्न होते हैं, जिससे उपचार के तरीके भी भिन्न होने चाहिए।
महिलाओं में हड्डियों और जोड़ों (Bone and Joint Pain) के दर्द का मुख्य कारण हॉर्मोनल बदलाव और ऑटोइम्यून बीमारियाँ हैं। मासिक धर्म के दौरान और मैनोपॉज़ के बाद महिलाओं के शरीर में हॉर्मोनल असंतुलन उत्पन्न होता है, जो हड्डियों की ताकत को प्रभावित करता है। इसके अलावा, ऑटोइम्यून बीमारियाँ, जैसे कि रुमेटॉइड आर्थराइटिस, भी महिलाओं में हड्डियों और जोड़ों के दर्द (Bone and Joint Pain) को बढ़ा सकती हैं।
Bone and Joint Pain : भारतीय महिलाएं, विशेषकर पोस्टमेनोपॉज़ल उम्र की महिलाएं, हड्डियों की कमजोरी और ऑस्टियोपोरोसिस की चपेट में आती हैं। इसका मुख्य कारण विटामिन डी की कमी है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विटामिन डी और कैल्शियम की कम मात्रा हड्डियों को कमजोर बनाती है, जिससे जोड़ों में दर्द और समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।
महिलाओं में मासिक धर्म और मेनोपॉज़ के दौरान हॉर्मोनल असंतुलन हड्डियों की ताकत को प्रभावित करता है। इस दौरान हड्डियाँ अधिक आसानी से कमजोर हो जाती हैं और उनके टूटने की संभावना बढ़ जाती है।
हड्डियों और जोड़ों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए विटामिन डी और कैल्शियम से भरपूर आहार का सेवन अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, नियमित व्यायाम और एक संतुलित जीवनशैली भी हड्डियों को मजबूत रखने में मदद कर सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीयों में विटामिन डी की कमी की दर 70-90 प्रतिशत है, इसलिए इसे नियमित रूप से जांचना और आवश्यकता के अनुसार सप्लीमेंट लेना चाहिए।
Bone and Joint Pain : यदि हड्डियों या जोड़ों में दर्द (Bone and Joint Pain) की समस्या प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान ली जाए, तो गंभीर समस्याओं को रोका जा सकता है। इसलिए, अगर आपको हड्डियों की कमजोरी या दर्द के लक्षण महसूस हों, तो तुरंत चिकित्सा परामर्श लें और आवश्यक टेस्ट कराएं।
महिलाओं में हड्डियों और जोड़ों के दर्द (Bone and Joint Pain) की समस्या जटिल होती है और इसके कई कारण हो सकते हैं। सही निदान और समय पर उपचार से इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है। विटामिन डी और कैल्शियम के सही स्तर को बनाए रखते हुए और जीवनशैली में बदलाव करके हड्डियों और जोड़ों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।
(आईएएनएस)
Published on:
04 Aug 2024 04:37 pm
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