
करेले का जूस भले ही शुगर के मरीजों के लिए हेल्दी हो, लेकिन लिवर व किडनी के रोगियों के लिए यह अनहेल्दी भी साबित हो सकता है।
यह लिवर में एन्जाइम्स के निर्माण को बढ़ा देता है जिससे लिवर प्रभावित होता है। गर्भावस्था के दौरान करेले के ज्यादा सेवन से गर्भपात का खतरा रहता है।
करेले में एंटी लैक्टोलन तत्व भी होते हैं, जो गर्भावस्था के दौरान दूध बनने की प्रक्रिया में रुकावट लाता है। करेले में मौजूद तत्व फर्टिलिटी संबंधित दवाओं का प्रभाव खत्म कर देते हैं।
वहीं करेले के बीजों में लेक्टिन नामक तत्व होता है जो आंतों तक प्रोटीन को पहुंचने नहीं देता। अध्ययनों में पाया गया कि करेले के अत्याधिक सेवन से हिमोलाइटिक एनीमिया हो सकता है। हिमोलाइटिक एनीमिया में पेट दर्द, सिरदर्द, बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
Published on:
02 Sept 2016 11:35 am
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